अब OLA ईवी की बादशाहत को कौन देगा टक्कर? प्रोडक्शन डबल करने के लिए कंपनी ने जुटाए 3,200 करोड़

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ओला इलेक्ट्रिक ने 3,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह फंडिंग टेमासेक के नेतृत्व वाले एक इक्विटी और ऋण दौर में जुटाई गई थी. इस फंडिंग से ओला इलेक्ट्रिक अपनी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कारोबार के विस्तार और भारत के पहले स्वदेशी लिथियम-आयन सेल प्लांट के निर्माण में मदद मिलेगी.

फंडिंग के विवरण

  • फंडिंग की कुल राशि: 3,200 करोड़ रुपये

  • फंडिंग का नेतृत्व: टेमासेक

  • अन्य निवेशक: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB), और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट

  • फंडिंग का उपयोग: ईवी उत्पादन क्षमता को दोगुना करना, स्वदेशी लिथियम-आयन सेल प्लांट का निर्माण

  • ईवी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना

10 मिलियन ईवी का उत्पादन करने का लक्ष्य 

ओला इलेक्ट्रिक ने कहा है कि वह इस फंडिंग का उपयोग अपने ईवी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने के लिए करेगी. कंपनी का लक्ष्य 2024 तक प्रति वर्ष 10 मिलियन ईवी का उत्पादन करना है. ओला इलेक्ट्रिक के पास वर्तमान में तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले में एक ईवी उत्पादन संयंत्र है. यह संयंत्र प्रति वर्ष 2 मिलियन ईवी का उत्पादन करने में सक्षम है. कंपनी ने कहा है कि वह इस संयंत्र की क्षमता को दोगुना करने के लिए 2,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.

भारत के पहले स्वदेशी लिथियम-आयन सेल प्लांट का निर्माण

ओला इलेक्ट्रिक ने भारत के पहले स्वदेशी लिथियम-आयन सेल प्लांट के निर्माण की भी घोषणा की है. यह प्लांट तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले में स्थापित किया जाएगा. प्लांट की स्थापना में 2,400 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और यह 2025 में चालू हो जाएगा. ओला इलेक्ट्रिक का कहना है कि यह प्लांट प्रति वर्ष 10 GWh की क्षमता के साथ भारत की सबसे बड़ी लिथियम-आयन सेल उत्पादन सुविधा होगी. यह प्लांट भारत में ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा.

2017 में हुई थी ओला की स्थापना 

ओला इलेक्ट्रिक एक भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता है. कंपनी की स्थापना 2017 में भारत के बेंगलुरु में हुई थी. ओला इलेक्ट्रिक भारत में सबसे बड़े ईवी निर्माता में से एक है. कंपनी ने 2022 में 1.5 लाख से अधिक ईवी बेची थी. ओला इलेक्ट्रिक की योजना भारत में ईवी बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने की है. कंपनी ने कहा है कि वह 2024 तक भारत में 50% ईवी बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है.

फंडिंग का महत्व

ओला इलेक्ट्रिक की ओर से 3,200 करोड़ रुपये की फंडिंग एक महत्वपूर्ण कदम है. यह फंडिंग कंपनी को अपनी ईवी कारोबार के विस्तार और भारत में ईवी बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने में मदद करेगी. इस फंडिंग से ओला इलेक्ट्रिक अपनी ईवी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने में सक्षम होगी. यह कंपनी को प्रति वर्ष 10 मिलियन ईवी का उत्पादन करने में सक्षम बनाएगा. इस फंडिंग से ओला इलेक्ट्रिक भारत के पहले स्वदेशी लिथियम-आयन सेल प्लांट का निर्माण भी कर सकेगी. यह प्लांट भारत में ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देगा. कुल मिलाकर, ओला इलेक्ट्रिक की ओर से 3,200 करोड़ रुपये की फंडिंग एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत में ईवी बाजार के विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा.

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