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Katra
– फोटो : अमर उजाला
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खराब मौसम और रामबन के पंथियाल के पास जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के एक हिस्से के टूटने से रविवार को तीसरे दिन अमरनाथ यात्रा रोकी गई। इससे जम्मू शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। शहर में दस हजार से अधिक श्रद्धालु ठहरे हुए हैं। पारंपरिक बालटाल और पहलगाम के साथ आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से श्रद्धालुओं के जत्थे को रवाना नहीं किया गया।
इससे जम्मू के भगवती नगर में बना आधार शिविर श्रद्धालुओं से पूरी तरह से पैक हो गया है। शहर के निजी सराय और होटलों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। यात्रा रुकने के कारण कई श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकल गए हैं। आधार शिविर भगवती नगर करीब तीन हजार श्रद्धालुओं के साथ पूरी तरह से पैक है, जबकि आगामी तिथि के अनुसार यात्रा करने के लिए आने वाले भक्तों को आधार शिविर के साथ आसाराम आश्रम में शिफ्ट किया जा रहा है।
दोनों जगहों पर शाम पांच बजे तक करीब पांच हजार श्रद्धालु पहुंच चुके थे। जिला प्रशासन के अनुसार उनके पास तीर्थ यात्रियों को ठहराने के लिए 24 स्थान उपलब्ध हैं, जिसमें शाम तक सात केंद्रों पर ठहराने की व्यवस्था कर दी गई थी। जरूरत के मुताबिक अन्य स्थलों में आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में निजी सराय और होटल भी श्रद्धालुओं से भरने लगे है।
ऑल जम्मू होटल एंड लागेज एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने बताया कि यात्रा रुकने के कारण होटलों में भी तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं। शहर में ही करीब पंजीकृत 350 होटल हैं। होटल प्रशासनों की ओर से एडवांस बुकिंग वाले यात्रियों को पहले ही 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने कई टीमें सक्रिय की हैं, जो यात्रियों के ठहरने वाले स्थलों की निगरानी कर रही हैं।
शहर में श्रद्धालुओं की रौनक बढ़ने के साथ सुरक्षा बढ़ाई गई है। अब तक 80 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। रामबन के पास हाईवे के हिस्से को दुरुस्त बनाने में लंबा समय लगने की सूरत में यात्रा अधिक समय तक प्रभावित हो सकती है। इसी हाईवे मार्ग से अमरनाथ श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही हो रही थी।
बालटाल रूट पर भागकर बचाई जान
बालटाल रूट पर भूस्खलन में बाल-बाल बचे राहुल ने कहा कि अचानक जमीन फटने लगी। किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। मंजर इतना भयावह था कि पीछे मुड़कर नहीं देखा। भागते हुए वह पंथा चौक आधार शिविर तक पहुंचे। यहां पर राहुल ने शरण ली। एक अन्य यात्री नरेंद्र कुमार ने कहा कि रास्ते में भारी बारिश, भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अचानक पत्थरों के गिरने पर बचने के लिए भागना पड़ा। मौसम खराब होने के चलते यहां शिविर में फंस गए हैं।
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