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अमरोहा में अमर उजाला में बात करते स्थानीय नेता
– फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं की लगातार नब्ज टटोल रहा है। अमर उजाला की टीम रविवार को अमरोहा जिले में पहुंची और राजनीतिक दलों के साथ चुनाव पर चर्चा की। अमरोहा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने खुलकर अपने-अपने मुद्दे रखे।
चुनाव पर चर्चा के दौरान राजनेताओं के बीच जमकर बहस हुई। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे की कमियां गिनाईं। इससे पहले मतदाताओं ने चुनाव और प्रत्याशियों को लेकर अपनी राय खुलकर जाहिर की। युवाओं ने कहा कि सरकार को खेलों की तरफ ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीण और छोटे शहरों में खिलाड़ी भी उपेक्षित हैं। सुबह टीपी नगर चौक पर चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने कहा कि नेता कोई भी हो, लेकिन वह क्षेत्र के विकास पर ध्यान देने वाला होना चाहिए। अन्य ने भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था को सही बताया तो किसी ने रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
चर्चा के दौरान लोगों ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों, शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलने चाहिए। विकास पर फोकस होने के साथ क्षेत्रीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लोगों को ऐसे जनप्रतिनिधि को चुनना चाहिए जो जनता के बीच रहे।
धर्म और जाति के नाम पर लोगों को नहीं बंटना चाहिए। लोगों ने पिछले दिनों पुलिस भर्ती परीक्षा परीक्षा का पेपर लीक होने पर नाराजगी जताई। हालांकि, जनप्रतिनिधि चुनने के लिए लोगों के बीच मिली-जुली राय सुनने को मिली।
स्थानीय मतदाताओं ने भ्रष्टाचार, सुरक्षा, विकास के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं लेकिन अधिकारी समेत अन्य इस पर हीला हवाली बरत रहे हैं।
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