अमावस्या के दिन इस उपाय से पितर होंगे प्रसन्न

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पीपल के वृक्ष की पूजा

अमावस के दिन करें पीपल की पूजा

अमावस्या तिथि पर पीपल की पूजा करने पर पितृदेव प्रसन्न होते हैं. इस तिथि पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए तांबे के लोटे में जल, काला तिल और दूध मिलाकर पीपल के पेड़ पर अर्पित किया जाता है.

पितृपक्ष श्राद्ध

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है. अमावस्या को पितरों के लिए पारंपरिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है. अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध या हवन करने पर पितृदेव प्रसन्न होते हैं.

Pitru Paksha 2023

पितरों को पानी देते समय क्या बोलना चाहिए?

पितरों को जल देते समय ॐ पितृ देवतायै नम: मंत्र का जाप करने से भी पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ‘ओम आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम’ पितरों को जल देते समय इस मंत्र का जाप करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.

गयाजी में श्राद्ध करते लोग

पितरों को कौन से फूल पसंद है?

पितृ पक्ष की श्राद्ध की पूजा, तर्पण और पिंडदान में कमल, जूही, चंपा, मालती और सफेद फूलों का प्रयोग किया जाता है. मान्यता है कि ये फूल पितरों को बहुत ही अधिक प्रिय होते हैं.

अमावस्या पर किसकी पूजा करनी चाहिए?

अमावस्या पर किसकी पूजा करनी चाहिए?

अमावस्या तिथि के देवता पितर होते हैं. इसी कारण से अमावस्या के दिन पितरों का पूर्वजों का श्रद्धा भाव के साथ गंगा स्नान आदि के बाद तर्पण करना पितरों की शुभ कृपा में वृद्धि होती है.

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