अलीगढ़ आतंकी मामला: यूपी एटीएस ने संभल से चार युवकों को उठाया, एएमयू से जुड़े तार, स्थानीय पुलिस को पता नहीं

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Aligarh terror case: UP ATS picks up four youths from Sambhal, wires linked to AMU

यूपी एटीएस



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अलीगढ़ से तीन दिन पहले आईएस के दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद एटीएस रविवार को संभल जिले से भी चार युवकों को उठाकर ले गई है। जिनमें चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद सिद्दीकी (24) और तीन युवक संभल के हैं। नावेद सिद्दीकी और संभल निवासी दो युवक एएमयू के छात्र रह चुके हैं। हालांकि स्थानीय पुलिस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।

तीन दिन पहले एटीएस ने अलीगढ़ से आईएस के संदिग्ध आंतकी अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक को गिरफ्तार किया था। दोनों संदिग्ध आतंकी स्टूडेंट्स ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी संगठन के माध्यम से छात्रों से जुड़े थे। जिसके बाद से एटीएस की रडार पर एएमयू के कई अन्य छात्र भी आ गए।

चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी मूल निवासी विकासनगर कॉलोनी रामपुर नावेद सिद्दीकी ने पिछले वर्ष एएमयू से बीएससी की है। पिछले कई दिन से संभल में एटीएस डेरा डाले हुई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं थी। रविवार को एटीएस चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद मोहम्मद और संभल के तीन युवकों को उठाकर ले गई।

गदरपुर में रिश्तेदार के साथ रहता था नावेद

नावेद सिद्दीकी मूल रूप से रामपुर के विकासनगर कॉलोनी का निवासी है। नावेद ने बीते वर्ष एएमयू से बीएससी की है और वर्तमान में वह उत्तराखंड के गदरपुर में अपने रिश्तेदार के साथ रह रहा था। वहां पर तालाब में मछली पालन का काम था। एटीएस रविवार को गदरपुर से नावेद को लेकर संभल आई और संभल के तीन और युवकों को उठाकर अपने साथ ले गई। एटीएस के आने व युवकों को साथ लेकर जाने की किसी को भनक तक नहीं लगी।

खुफिया विभाग भी जांच में जुटा

एटीएस के जिले से चार युवकों को उठाकर ले जाने के मामले में भले ही पुलिस और खुफिया विभाग अनभिज्ञता जता रहे हो, लेकिन खुफिया विभाग भी जांच में जुटा है। जिन युवकों को एटीएस अपने साथ ले गई, खुफिया विभाग उनकी जानकारी जुटा रहा है।

संभल के दो युवक भी रहे है एएमयू के छात्र

संभल के जिन तीन युवकों को एटीएस अपने साथ लेकर गई है। इनमें दो युवक एएमयू के पूर्व छात्र बताए जा रहे हैं। जबकि तीसरा युवक उनका साथी बताया जा रहा है। अलीगढ़ से गिरफ्तार हुए दो संदिग्ध आतंकियों के पास से एटीएस को जिहादी साहित्य, मोबाइल, पेन ड्राइव मिले थे। आरोपी स्थानीय युवकों को अपने साथ जोड़ते थे। सूत्रों के मुताबिक ये युवक एएमयू में पढाई के दौरान हुए आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे।

तीन युवकों ने की एएमयू से पढ़ाई, एक उनका साथी

एटीएस जिन चार युवकों को उठाकर ले गई है। उनमें से चंदौसी की जाट कॉलोनी निवासी नावेद ने बीते वर्ष एएमयू से बीएससी की है और अब एक माह से उत्तराखंड के गदरपुर में अपने रिश्तेदार के साथ तालाब पर मछली पालन कर रहा है। एक साल पहले पिता का निधन हो गया है।

संभल के दो युवकों ने भी एएमयू से पढ़ाई की है। जिनमें से एक वर्तमान में हैंडीक्राफ्ट का काम करता है और अक्सर अलीगढ़ आता-जाता रहता है। संभल निवासी दूसरा युवक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का काम करता है और उसकी अधिकांश बस संभल से अलीगढ़ तक चलती है।

वह बसों से स्थानीय छात्र व लोगों के साथ सामान लाने-ले जाने का काम करता है। जबकि उसके पिता मिठाई की दुकान चलाते हैं। वहीं संभल निवासी तीसरा युवक किसी कंपनी में सेल्समैन का काम करता है।

एटीएस के संभल में आने और चार युवकों को उठाकर ले जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। हो सकता है टीम आई हो और जांच की हो। -श्रीश्चंद्र, एएसपी

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