आखिरकार कहां गए: संभल से गायब युवकों ने क्यों चुनी आतंकी राह, 1998 से अब तक पता नहीं लगा सकी एजेंसियां

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Why youth missing from Sambhal chose terrorist path, agencies could not find out since 1998 till now

यूपी पुलिस
– फोटो : अमर उजाला

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आतंकी गतिविधियों में संभल का नाम पहले भी कई बार जुड़ चुका है। वर्ष 1998 में संभल से कई युवा लापता हुए थे। इसके बाद जांच में पता चला कि सभी आतंकी थे। खुफिया एजेंसियां आज तक उनका पता नहीं लगा सकीं है। आतंकी कनेक्शन से जुड़ा होने को लेकर संभल 1998 के बाद से चर्चा में है। तब से खुफिया एजेंसियों की निगाह जिले में लगी रहती है।

कई एजेंसियों के अधिकारी संभल में डेरा डाले रहते हैं। इसका कारण 1998 में अचानक से लापता हुए कई युवा हैं। उस समय आईडी और मोबाइल का दौर नहीं था। पुलिस जानकारी नहीं जुटा सकी और परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई। बाद में कुछ आतंकी गतिविधियों में युवा शामिल होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों को हुई तो छानबीन बढ़ी।

उसके बाद से ही संभल देश की बड़ी खुफिया एजेंसियों की निगाह में चढ़ा हुआ है। इसके चलते ही दिल्ली की स्पेशल सेल, एटीएस, एनआईए की कार्रवाई हुई है। आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद सजा भी पा चुके हैं।

अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। साजिश रचने के साथ ही आतंकी बनाने के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 फरवरी 2023 को सात वर्ष से ज्यादा की सजा सुनाई थी।

वर्ष 2015 से जेल में बंद थे तो सजा सुनाए जाने के कुछ समय बाद जेल से रिहा हो गए थे। दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। जो 1998 में लापता हुआ था और वर्ष 2016 में अमेरिका की ओर से विश्व के आतंकियों की सूची जारी होने पर सामने आया था।

हालांकि अमेरिका और अफगानिस्तान सेना के संयुक्त ऑपरेशन में वर्ष 2019 में मारा गया था। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू के मारे जाने के बाद खुफिया एजेंसी फिर से सतर्क हुई थीं और जो युवा लापता हुए थे उनकी जानकारी जुटाई थी लेकिन सफलता नहीं मिली थी। अब फिर से एटीएस की कार्रवाई के बाद संभल चर्चा में आया है।

कहां गए शरजील और सईद अख्तर 

मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू के लापता होने के समय में ही दीपा सराय निवासी सईद अख्तर भी लापता हुआ था। वर्ष 2005 में दिल्ली से आई खुफिया एजेंसी की टीम ने सईद के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी उसके परिजनों को दी थी।

परिजनों ने कई वर्ष पहले लापता होने की बात कही थी। उसके बाद से ही दिल्ली से आने वाली टीमें छानबीन करने में जुटी रहती हैं। शरजील का फोटो दिल्ली की स्पेशल सेल ने सभी थानों में चस्पा किए हुए हैं। शरजील के बारे में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात दिल्ली पुलिस कहती है लेकिन शरजील और सईद अख्तर कहां हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

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