आगरा जमीन कांड: लालच में फंस उमा देवी साजिश में बनीं मोहरा, करोड़ों की भूमि कब्जाने के मामले में नए खुलासे

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New revelations being made in case of land grabbing worth crores in Bodla Agra

आगरा: बोदला जमीन
– फोटो : अमर उजाला

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ताजनगरी आगरा में जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के बोदला मार्ग पर जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी साजिश रची गई थी। इसमें उमा देवी मोहरा बनी थीं। वह लालच में फंस गईं। जमीन के असली मालिक टहल सिंह और जिस जसवीर की पत्नी वह बनी, उससे दूर का नाता भी नहीं था।

डीसीपी सिटी सूरज राय के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि उमा देवी के पति का नाम पदम चंद है न कि जसवीर। पदम चंद की मृत्यु कई साल पहले हो गई थी। वह तीन बच्चों के साथ रहती है। उसकी एक बेटी शादीशुदा है। वह लालच में आकर षड्यंत्र में शामिल हुई।

जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र और राजू के साथ मिलकर किशन मुरारी उर्फ मोहित कुशवाहा ने साजिश रची थी। मोहित उमा देवी को जानता था। एक-दो बार पहले से मुलाकात थी। उसने उमा देवी को लालच दिया कि जमीन बिकने पर उसे फायदा होगा। वह मकान और 20 से 25 लाख रुपये तक उसे दिलवा देगा।

इस आधार पर वह भी षड्यंत्र में शामिल हो गई। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए। शपथपत्र लगाए गए। इसके बाद उमा देवी का नाम तहसील में खतौनी में दर्ज करा लिया गया। वह टहल सिंह और जसवीर को जानती तक नहीं थी। पुलिस के सामने भी अपनी पहचान छिपाकर रखती थी। राजू उमा देवी का भाई बनकर आता था।

खाते से मिली जानकारी

पुलिस ने उमा देवी के बारे में भी जानकारी जुटाई। उसके आधार और पेन कार्ड की जांच की। पता चला कि उमा देवी ने भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइन शाखा में खाता खोला था। इस खाते से नुनिहाई स्थित बैंक का जनधन खाता भी लिंक था। इस खाते की जांच से उमा देवी कांशीराम आवास योजना की रहने वाली निकली। उसके पति नाम पदम चंद है।

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