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गाड़ियों में सड़े कारोबारियों के फल और सब्जियां।
– फोटो : संवाद
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इस बार बरसात ने जहां तबाही मचा दी, वहीं किसानों, बागवानोंं और कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है। मंडी-कुल्लू की साझा सब्जी मंडी टकोली के हालात पर नजर दौड़ाएं तो यहां पर पहुंचे बाहरी राज्यों और हिमाचल के आढ़तियों के दर्जनों वाहनों में लदे फल और सब्जियां सड़ गए। ऐसे में आढ़तियों को यह फल नालों आदि में फेंकने पड़े या फिर सड़कों के किनारे लावारिस जानवरों को फल और सब्जियां डालनी पड़ीं।
आढ़तियों ने कहा कि पहली बार उन्होंने करोड़ों का नुकसान झेला है और वह बर्बाद हो चुके हैं। कहा कि बरसात की मार ने इस कद्र रास्ते रोके कि कोई भी रास्ता ऐसा नहीं बचा, जहां से हम अपने माल को कहीं ले जाते। दरअसल टकोली सब्जी मंडी से बाहरी राज्यों के आढ़ती बारिश से पहले जब यहां से अपनी गाड़ियों को लोड करके लाखों रुपये का माल लादकर ले जा रहे थे तो 14 व 15 अगस्त और उसके बाद 21 व 22 अगस्त को इतनी बारिश हुई कि इनके वाहन मंजिल तक नहीं पहुंच पाए।
इनको यहां से वहां भेजा गया, मगर यह किसी भी स्थान पर न पहुंचकर रास्तों में ही माल सड़ गया। बजौरा कमांद भेजा तो वह रोड भी बंद हो गया। फिर उन्हें वाया चैलचौक भेजा तो वहां पर भी ल्हासे गिर गए और कई वाहन तो सब्जी मंडी से भी आगे नहीं जा पाए। उनका माल वाहनों में ही सड़ गया। इससे यह आढ़ती और किसान बुरी तरह से तबाह हो गए हैं।
20 लाख का नुकसान, अब कहां जाएं
टकोली सब्जी मंडी से करीब एक दर्जन गाड़ियों में माल भरकर बाहरी राज्य में ले जा रहे आढ़ती श्याम लाल ने कहा कि उनकी चार से पांच गाड़ियां सब्जी और फलों की रास्तों में सड़ गईं। कहा कि एक गाड़ी में रखे फल और सब्जी की कीमत करीब पांच लाख बनती है। ऐसे में करीब उनको 20 लाख का माल खत्म हो गया, अब वह कहां जाएं।
वहीं एक अन्य कारोबारी जुल्फी राम ने कहा कि पहली बार ऐसी आपदा हुई और उनकी सात क्विंटल गोभी, 1500 डिब्बे अनार, दस क्विंटल नाख, चार क्विंटल टमाटर और पांच क्विंटल बीन गाड़ियों में सड़ गई। इससे उन्हें लाखों का नुकसान हो गया है।
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