आवाम की आवाज: साल 2023 विकास की श्रेष्टताओं को रहा समर्पित, वर्षों से हाशिये पर जी रहे समाज की ताकत बढ़ी- एलजी

[ad_1]

Awaam Ki Awaaz: Lg Manoj Sinha Said 2023 dedicated to excellence of development

LG Manoj Sinha
– फोटो : डीआईपीआर

विस्तार


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में वर्ष 2023 विकास की श्रेष्टताओं को समर्पित रहा। वर्षों से हाशिये पर जी रहे समाज की ताकत बढ़ी है। चहुमुखी विकास को लेकर सामाजिक मनोभावना मजबूत हुई है। विकास के नए मानदंड स्थापित करने की दिशा में जम्मू कश्मीर प्रदेश ने नियति के नए बोध को प्राप्त किया है। परिवर्तन की रफ्तार को देख कर देशवासी ही नहीं विदेशी पर्यटक भी अचंभित हुए हैं। उपराज्यपाल ने रेडियो कार्यक्रम आवाम की आवाज के 33वें एपिसोड को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग ढंग से 2024 के स्वागत की तैयारियों शुरू हो चुकी हैं। पिछले वर्ष में प्रभावशाली विकास, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार और चारों ओर स्पष्ट प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

विकसित भारत संकल्प यात्रा सिर्फ विकास रथ नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी भी है। यह भारत सरकार की अब तक की सबसे बड़ी आउटरीच पहल है, जो जम्मू-कश्मीर की प्रत्येक पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों को कवर करेगी। योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल करने के लिए लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यात्रा का समापन 26 जनवरी 2024 को होगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनता के लिए शुरू की गई योजनाओं का लाभ सभी इच्छित प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचे।

पुराने लैपटॉप की बैटरी और ई-कचरे से बना डाली ई-साइकिल

उधमपुर के वरिष्ठ नागरिक 84 वर्षीय मुंशी राम ने पुराने लैपटॉप की बैटरी और ई-कचरे का उपयोग करके ई-साइकिल बनाई है। वह माननीय प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल और ग्रीन इंडिया पहल से प्रेरित महसूस करते हैं और उन्हें हरित विकल्पों के प्रति दूसरों को संवेदनशील बनाने और प्रेरित करने की उम्मीद है। वो लोगों को पर्यावरण को बचाने और ई- कचरे के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

दिव्यांगता के बावजूद बने सफल उद्यमी

श्रीनगर की दिव्यांग सदाफ का ‘सदाफ स्पाइस’ की शुरुआत की है। उन्होंने व्हील चेयर को उनके साहस के सीमाओं को नहीं बांधने दिया। अब वह खुद के साथ ही लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनकी कहानी जीवन धैर्य, आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी है। उन्होंने दिव्यांगता के बावजूद एक सफल उद्यमी बनने का अपना लक्ष्य हासिल किया। उनकी योग्यता, कौशल और ज्ञान अन्य नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जो चलता है वो पहुंचता है, जो जागता है वो पाता है।

खुद का व्यापार किया शुरू

जम्मू के कोट भलवाल की पूजा ने खुद का व्यापार शुरू किया। ‘स्माइली चॉकलेट्स’ नाम से अपना खुद का होममेड चॉकलेट ब्रांड स्थापित किया है। वह अन्य महिलाओं को भी चॉकलेट बनाने की ट्रेनिंग दे रही हैं। उन्हें अब युवतियां अपना रोल मॉडल बना रही हैं। उद्यमिता में उनका कदम क्षेत्र की अन्य महिलाओं को साहसी रास्ता चुनने और चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है।

वेस्ट रीसाइक्लिंग यूनिट शुरू किया

कुलगाम के तारिक अहमद गनी ने सफल वेस्ट रीसाइक्लिंग यूनिट शुरू किया है। वह न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार पैदा कर रहे हैं बल्कि एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ भविष्य का निर्माण भी कर रहे हैं। उन्होंने अपना सालाना टर्नओवर तीन करोड़ से अधिक पहुंचा दिया है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थी तंगमर्ग के जावेद अहमद की उद्यमशीलता यात्रा युवाओं को नौकरी चाहने वाले नहीं बल्कि नौकरी निर्माता बनने के लिए प्रेरित कर रही है। वहीं, पुलवामा के एहसान खलीक ने शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर  सुझाव साझा किया।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *