आसमान से जमीन पर उतरा: दोहरे शतक पर हो रही थी तस्करी..अब मंडी में पड़ा सड़ रहा टमाटर

[ad_1]

Smuggling happening on double century now tomatoes rotting in market

महेवा मंडी में फेंका गया सड़ा टमाटर।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार


कभी कीमतों में दोहरा शतक लागने वाले टमाटर का रंग इन दिनों पीला पड़ गया है। जिस टमाटर की तस्करी नेपाल से हो रही थी, अब आवक बहुत ज्यादा होने के चलते मंडी में औने-पौने दाम पर बिक रहा है। आवक के अनुपात में खपत कम होने के चलते टमाटर सड़ने लगा है। थोक मंडी में व्यापारी उसे सड़कों पर फेंक दे रहे हैं।

अगस्त तक टमाटर की कीमतें आसमान छू रही थीं। लोगों की थालियों से टमाटर गायब था। सलाद में टमाटर देखने को नहीं मिल रहा था। थोक मंडी में टमाटर 170 से 180 रुपये किलो बिका। जबकि फुटकर मंडी में 200 रुपये प्रति किलो से ज्यादा भाव था।

दुकानदार भी किलो की जगह पाव का हिसाब बताते थे। उसी टमाटर को अब थोक मंडी में कोई पूछने वाला नहीं है। बृहस्पतिवार को टमाटर का भाव 10 से 12 रुपये किलो था। खरीदने के लिए ग्राहक नहीं मिल रहे थे। फुटकर बाजार में भी टमाटर 20 रुपये किलो तक बिक रहा है।

इसे भी पढ़ें: पिपराइच से जगदीशपुर तक सात मीटर चौड़ी होगी सड़क, जाम भूल जाएंगे

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *