[ad_1]

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह का मानना है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में युवाओं को मजबूती से कदमताल करना पड़ेगा। नौकरी मांगने की जगह उनको अपनी सोच नौकरी देने वाले की बनानी होगी। प्रो. योगेश सिंह सोमवार को डीयू के सरदार वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में तीन दिवसीय इंडिया मशरूम समिट-2023 के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसके आयोजन का मकसद मशरूम की खेती के लिए युवाओं को आगे बढ़ाना है। छात्रों में इसको लेकर दिलचस्पी जगाने के लिए आयोजन स्थल पर अलग-अलग वेरायटी के मशरूम के साथ इसे पैदा करने के तरीके, इससे बनने वाले उत्पादों के स्टाॅल लगाए गए हैं।
प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि नए भारत के विकास के लिए सभी को एक कदम बढ़ाना होगा। डीयू अपने छात्रों को इस दिशा में ले जाने के लिए मशरूम समिट के तौर पर बड़ा कदम बढ़ाया है। बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूदा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि मशरूम की खेती में तकनीकी और व्यावहारिक सहायता में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए छात्रों को अपने स्तर पर तैयार रहना होगा।
खूब बिके मशरूम से जुड़े प्रोडक्ट
इंडिया मशरूम समिट में मशरूम हब स्टॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यहां बटन मशरूम कल्टीवेशन में इस्तेमाल होने वाली चीजों को पेश किया गया। इसमें मशरूम में चाकू, कटर, पेट वायर, गलास थर्मामीटर समेत अन्य समान नजर आए। इस दौरान मशरूम हब के व्यापारी विवेक कपूर ने बताया कि लोगों की ओर से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। हम मशरूम से जुड़े अलग-अलग प्रोडक्ट पेश करते रहते हैं।
आगे कहा कि अगर कोई मशरूम की खेती करना चाहता है तो इससे जुड़े प्रोडक्ट भी यहां मौजूद हैं। मशरूम समिट का आयोजन मिल्कीवे स्पॉन ने शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज और डीयू के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (सीओएल) के सहयोग से किया है। इसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योग प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हें। पहले दिन डीयू के छात्रों व अध्यापकों ने मशरूम से उद्यम शुरू करने के तरीके समझे।
[ad_2]
Source link