इनसे समझो क्या होती है आजादी: पांच दशकों तक जंजीरों में जकड़ा रहा, अब राजू ले रहा खुली हवा में सांस

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Raju celebrated the 10th year of independence at the Elephant Conservation Home

हाथी राजू
– फोटो : wild life sos

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अपने जीवन का आधे से ज्यादा समय गुलामी की जंजीरों में बिताने वाले राजू हाथी ने बुधवार को अपनी आजादी का 10 वां साल मनाया। पांच दशकों तक जंजीरों में जकड़े और महावत के अंकुश से आहत राजू को अपने जख्म भूलाने में सालों लग गए। फिलहाल चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण गृह में राजू एक स्वस्थ्य व खुशहाल जीवन बिता रहा है।

10 साल पहले लाया गया संरक्षण केन्द्र में 

10 साल पहले जब राजू वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा संचालित संरक्षण केंद्र में आया था तो कांटेदार जंजीरों में जकड़े रहने के कारण उसके पैरों में जख्म बन चुके थे, जो नासूर बनकर उसे हर समय भयंकर पीड़ा देते थे। संरक्षण केंद्र आने से पहले पचास सालों में राजू के मालिक कई बार बदले लेकिन नहीं बदली तो उसकी दुर्दशा। राजू उनके लिए सिर्फ पैसा कमाने का जरिया था। चार जुलाई 2013 को जब उसे प्रयागराज से रेस्क्यू किया गया तो उसके कूल्हों और पैरों पर फोड़े थे। उसकी पूंछ तक जख्मी थी।

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