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कटड़ा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते पीएमओ मंत्री डा. जितेंद्र सिंह
– फोटो : पीआरओ
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जम्मू कश्मीर में पहली बार 26 व 27 नवंबर को 25वां राष्ट्रीय ई-सुशासन सम्मेलन कटड़ा के श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में शुरू हो गई। शनिवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की पहली साइबर सुरक्षा नीति की घोषणा होगी।
कटड़ा में केंद्रीय प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि संविधान दिवस के मौके पर सम्मेलन में संविधान की प्रस्तावना को भी पढ़ा गया। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में डिजिटल जम्मू-कश्मीर पहल के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम को भी लांच किया जाएगा।
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एसएमवीडीयू व एनआईईएलआईटी के बीच ज्ञान के आदान प्रदान के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हरियाणा सरकार के साथ भी समझौता होगा। सम्मेलन में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस रिपोर्ट भी जारी होगा।
ई-गवर्नेंस का राष्ट्रीय पुरस्कार भी पांच कैटगरी में दिया जाएगा। केंद्र, राज्य, जिला स्तर और शैक्षिक व शोध संस्थानों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें नौ स्वर्ण व नौ रजत पुरस्कार दिए जाएंगे।
इन विषयों पर होगी चर्चा
संपूर्ण सरकारी कार्य प्रणाली में डिजिटल गवर्नेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और रोजगार सृजन को मजबूत करना, राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए आधुनिक कानून, पारदर्शी और रीयल-टाइम शिकायत प्रबंधन प्रणाली, साइबर स्पेस में अगली पीढ़ी की सेवाओं एवं सुरक्षा के लिए 21वीं सदी का डिजिटल इंफ्र ास्ट्रक्चर, अन्वेषण से जनसंख्या पैमाने के समाधान के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों पर आगे बढ़ते रहना, डिजिटल डिवाइड को पाटने में ई-गवर्नेंस की भूमिका, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, जम्मू और कश्मीर राज्य: जम्मू तथा कश्मीर में डिजिटल परिवर्तन व जम्मू-कश्मीर में ई-गवर्नेंस पहल।
आतिथ्य की मिसाल पेश करेगा जम्मू कश्मीर
दो दिवसीय राष्ट्रीय ई सुशासन सम्मेलन के लिए जम्मू कश्मीर आतिथ्य की मिसाल कायम कर रहा है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बाहरी राज्यों से प्रतिनिधि पहुंच गए हैं। उनका शानदार स्वागत जम्मू से कटड़ा तक किया गया। इसके लिए कई जगह विशेष स्वागत द्वार भी बनाए गए। प्रतिनिधियों को डोगरी और कश्मीरी व्यंजनों के अलावा प्रदेश की स्मृद्ध लोक विरासत और संस्कृति से रूबरू करवाया जा रहा है।
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