उत्तराखंड कैबिनेट: राजधानी देहरादून में बनेगी 187 करोड़ की लागत से आठ मंजिला ग्रीन बिल्डिंग

[ad_1]

सीएम पुष्कर सिंह धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

ख़बर सुनें

राजधानी में कलेक्ट्रेट सहित 70 विभागों के दफ्तर अब एक ही इमारत में होंगे। स्मार्ट सिटी की इस ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण के लिए हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज के वर्कशॉप की जमीन पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके बदले परिवहन निगम को बस अड्डे की जमीनें मिलेंगी।

करीब चार साल से स्मार्ट सिटी के तहत ग्रीन बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन जमीन न मिलने की वजह से वह धरातल पर नहीं उतर पाया। पहले यह इमारत कलेक्ट्रेट परिसर में बनाने का प्रस्ताव था, जो कि परवान नहीं चढ़ा।

उत्तराखंड कैबिनेट: अवैध निर्माण पर अब नहीं होगी सजा, 14 साल में उम्रकैदी हो जाएंगे रिहा, पढ़ें अन्य निर्णय

इसके बाद रोडवेज की हरिद्वार रोड स्थित वर्कशॉप की जमीन पर ग्रीन बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन काफी समय से अटका रहा। परिवहन निगम ने अब अपनी जमीन देने के बदले 114 करोड़ 20 लाख रुपये की मांग रखी थी।

सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव आया, जिसमें तय हुआ कि रोडवेज के वर्कशॉप की जमीन ग्रीन बिल्डिंग के लिए दी जाएगी। इसके बदले परिवहन निगम को वह सभी जमीनें मिलेंगी, जिनमें सरकारी भूमि पर बस अड्डे बने हुए हैं। 

आठ मंजिला भवन की लागत होगी 187 करोड़ रुपये

ग्रीन बिल्डिंग 187 करोड़ की लागत से बनेगी। इसमें कलेक्ट्रेट सहित 70 विभागों के कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे। मकसद यह है कि सरकारी कामों के लिए लोगों को अलग-अलग न भटकना पड़े। इसके बजाए तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक के सभी कार्य एक ही इमारत में संभव हो। आठ मंजिला ग्रीन बिल्डिंग में बड़ी पार्किंग होगी।

विस्तार

राजधानी में कलेक्ट्रेट सहित 70 विभागों के दफ्तर अब एक ही इमारत में होंगे। स्मार्ट सिटी की इस ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण के लिए हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज के वर्कशॉप की जमीन पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके बदले परिवहन निगम को बस अड्डे की जमीनें मिलेंगी।

करीब चार साल से स्मार्ट सिटी के तहत ग्रीन बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन जमीन न मिलने की वजह से वह धरातल पर नहीं उतर पाया। पहले यह इमारत कलेक्ट्रेट परिसर में बनाने का प्रस्ताव था, जो कि परवान नहीं चढ़ा।

उत्तराखंड कैबिनेट: अवैध निर्माण पर अब नहीं होगी सजा, 14 साल में उम्रकैदी हो जाएंगे रिहा, पढ़ें अन्य निर्णय

इसके बाद रोडवेज की हरिद्वार रोड स्थित वर्कशॉप की जमीन पर ग्रीन बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन काफी समय से अटका रहा। परिवहन निगम ने अब अपनी जमीन देने के बदले 114 करोड़ 20 लाख रुपये की मांग रखी थी।

सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव आया, जिसमें तय हुआ कि रोडवेज के वर्कशॉप की जमीन ग्रीन बिल्डिंग के लिए दी जाएगी। इसके बदले परिवहन निगम को वह सभी जमीनें मिलेंगी, जिनमें सरकारी भूमि पर बस अड्डे बने हुए हैं। 


आठ मंजिला भवन की लागत होगी 187 करोड़ रुपये

ग्रीन बिल्डिंग 187 करोड़ की लागत से बनेगी। इसमें कलेक्ट्रेट सहित 70 विभागों के कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे। मकसद यह है कि सरकारी कामों के लिए लोगों को अलग-अलग न भटकना पड़े। इसके बजाए तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक के सभी कार्य एक ही इमारत में संभव हो। आठ मंजिला ग्रीन बिल्डिंग में बड़ी पार्किंग होगी।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *