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बैठक लेते सीएम धामी
– फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दायरे में उत्तराखंड के और नए सीमांत गांव शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह संभावना जताई है। बकौल मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्रालय आने वाले दिनों में बाइब्रेंट गांवों की संख्या बढ़ाएगा। इसका फायदा उत्तराखंड को भी होगा।
बता दें कि केंद्र सरकार ने सीमांत गांव नीति, माणा, मलारी और गुंजी को वाइब्रेंट विलेज प्राेग्राम में शामिल किया है। इन गांवों के विकास के लिए केंद्र सरकार सहयोग करेगी। हरिद्वार प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कुछ और वाइब्रेंट विलेज बढ़ाने के संकेत दिए।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि उत्तराखंड के कुछ सीमांत गांव कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत गांव विकास योजना के तहत भी सीमांत गांवों में पर्यटन और आर्थिकी गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। बकौल सीएम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणा को प्रथम गांव की संज्ञा दी है।
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प्रदेश सरकार की यह कोशिश है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटक सीमांत गांव तक जाएं और अपने यात्रा खर्च का पांच फीसदी इन गांवों के स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें। राज्य सरकार की भी कोशिश है कि सीमांत गांवों को उनकी विशिष्टता के अनुरूप विकसित किया जाए और उनका प्रचार-प्रसार हो, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक वहां पहुंचे। इससे वहां के स्थानीय लोगों की आर्थिकी में सुधार होगा और पलायन की समस्या भी कम होगी।
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