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बल्ली पंडित और अतीक अहमद। फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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उमेश पाल हत्याकांड को पहले धूमनगंज नहीं बल्कि धोबीघाट पर अंजाम दिया जाना था। कचहरी से लौटते वक्त उन्हें यहीं पर घेरना था और फिर मौत के घाट उतार देना था। हालांकि यह प्लान कामयाब नहीं हो सका। इसके बाद ही फिर दूसरा प्लान बनाया गया। यह खुलासा अतीक अहमद के शूटर बल्ली पंडित ने पुलिस के सामने किया है।
बल्ली को पुलिस ने हाल ही में खुल्दाबाद के चकिया से गिरफ्तार किया था। बालू-गिट्टी व्यवसायी से दो लाख की रंगदारी मांगने में जेल भेजे गए बल्ली ने अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उमेश पाल को पहले धोबीघाट पर मारा जाना था। यह काम अतीक ने उसे सौंपा था। दरअसल अतीक पहले उससे राजू पाल की हत्या करवाना चाहता था।
राजू और बल्ली में पहले से अदावत चल रही थी और ऐसे में अतीक को इस काम के लिए बल्ली सबसे मुफीद लगा। उसने बल्ली से राजू पर हमला कराया भी लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद अतीक ने राजू पाल की हत्या का प्लान बनाया लेकिन 25 दिन पहले ही बल्ली एक अन्य मामले में सरेंडर कर जेल चला गया।
चकिया में पकड़े जाने के बाद पूछताछ में उसने यह खुलासा किया कि वह अतीक के घर हुई उमेश पाल हत्याकांड की मीटिंग में शामिल हुआ था। इस दौरान राकेश ने अपने फोन से उसकी बात साबरमती जेल में बंद अतीक से कराई थी। अतीक ने उसे उमेश पाल की हत्या को अंजाम देने को कहा था। तय योजना के मुताबिक, उमेश को कचहरी से लौटते वक्त धोबीघाट चौराहे के पास घेरकर मारा जाना था। हालांकि यह प्लान कामयाब नहीं हो सका।
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