एएसपी के बेटे को एसयूवी ने रौंदा: साक्ष्य मिटाने के मामले में सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी आरोपी

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SP leader ravindra Singh alleged in Hit and run case.

मृतक नामिश।
– फोटो : अमर उजाला

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राजधानी लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में एएसपी श्वेता श्रीवास्तव के नौ वर्षीय बेटे की दुर्घटना में मौत मामले में सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रवींद्र सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। उन्होंने एसयूवी को धुलवाकर खून के धब्बे मिटाए थे जिससे साक्ष्य मिटाने के मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है।

बता दें कि मंगलवार को एएसपी के नौ वर्षीय बेटे नामिश को एक एसयूवी ने जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में मासूम की मौत हो गई थी। जनेश्वर मिश्रा पार्क के पास जी-20 रोड पर सुबह साढ़े पांच बजे हुए हादसे में रवींद्र सिंह का बेटा सार्थक सिंह एसयूवी चला रहा था। जांच में सामने आया कि उस समय एसयूवी में उसका साथी देवश्री भी मौजूद था।

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मासूम को टक्कर मारने के बाद भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी और भाग गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन पर गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

श्वेता के पति अभिनय गुरुग्राम में कार्यरत हैं। बेटे की मौत की सूचना पाते ही वह बिलखते हुए दोपहर में यहां पहुंचे। इकलौता बेटा खोने के गम में श्वेता व अभिनय पूरी तरह से टूट गए हैं। मानों गम का पहाड़ उन पर टूट गया हो। ये सदमा बर्दाश्त करना आसान नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि श्वेता पूरी तरह से सदमे में हैं। वह ठीक से बात तक नहीं कर पा रही हैं। अजीब तरह से बोल रही हैं। लोगों को पहचान तक नहीं पा रही हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेटे की मौत ने उन्हें किस तरह से झकझोर दिया है।

जहां स्टंट के खिलाफ अभियान चलाया, वहीं हुआ हादसा

श्वेता लंबे समय तक बतौर एसीपी गोमतीनगर तैनात रहीं। इसी सर्किल में गोमतीनगर विस्तार भी आता है। हादसा भी उसी इलाके में हुआ। गोमतीनगर में तैनाती के दौरान श्वेता ने मरीन ड्राइव समेत अन्य जगहों पर स्टंटबाजों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की थी। कभी सोचा भी न था कि एक दिन उसी तरह रफ्तार के कहर से उनके ही बेटे की जान चली जाएगी।

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