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प्रतीकात्मक तस्वीर।
– फोटो : social media
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध 750 से अधिक संस्थानों में नए सत्र में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत लगभग 15 हजार सीटें बढ़ेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन 15 सितंबर से शुरू हो रही प्रवेश प्रक्रिया में इन बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश लेगा। यह निर्णय को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में लिया।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद संबद्धता विस्तार के लिए कॉलेजों को अनुमति दी। वहीं, एआईसीटीई के प्रावधान व शासन के निर्देश के तहत ईडब्ल्यूएस के तहत 25 फीसदी सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। साथ ही निरीक्षण समिति के संस्तुति के बाद 85 संस्थानों में सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस आदि कोर्स की पढ़ाई शुरू होगी।
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कुलपति ने बताया कि इंजीनियरिंग व फार्मेसी के नए कॉलेजों से संबंधित जानकारी शासन को भेजी गई है। वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव रीना सिंह ने प्रस्तावों को प्रस्तुत किया। इस दौरान वित्त अधिकारी सुशील कुमार गुप्ता, आईईटी निदेशक प्रो. विनीत कंसल, छत्रपति साहूजी महराज विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा अन्नावि दिनेश कुमार, प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़, एआईसीटीई के प्रतिनिधि रविंद्र कुमार सोनी आदि मौजूद थे।
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