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मौके का मुआयना करती पुलिस टीम व मौजूद लोग
– फोटो : अमर उजाला
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एटा के शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पवांस की गोशाला पर धाबा बोलकर गांव लखमीपुर निवासी तीन लोगों को बंधक बनाने के बाद उनकी आंखों के सामने ही गोवंशों को कत्ल किया था। यह बात घायलों ने अधिकारियों को अपनी जुबानी बताई है। गोकशी करने वालों की भाषा क्षेत्रीय नहीं थी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भाषा बताई गई है।
घायल गौरव ने बताया कि ‘जब तक मैं पहुंचा था, तब तक ज्यादातर गोवंशों को काटा जा चुका था। कुछ गोवंश उनके कब्जे में थे, जिनको मेरी आंखों के सामने काटा गया। गांव के ही हृदेश और इनके पुत्र शिवम के हाथ बंधे हुए थे। उन्हें लाठियों से पीटकर चलने की स्थिति में नहीं छोड़ा था। बातचीत से कुछ लोगों की भाषा स्थानीय लग रही थी। लेकिन ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भाषा बोल रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे मेरठ या मुजफ्फरनगर के लोग हैं।’
वहीं घायल शिवम ने बताया कि ‘पिता के साथ जब मुझे पकड़ा था, तो सबसे पहले लाठियां पैरों में मारीं। गिर गए तो हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया। मेरी आंखों के सामने ही गोवंशों का काटा जा रहा था। इस वीभत्स नजारे को हम लोग देख नहीं पा रहे थे। सिर को नीचे कर लिया था। हमलावरों की भाषा मेरठ साइड जैसी थी।’
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