कंकाली माता मंदिर: ऐसी मंदिर जिसकी स्थापना ग्वालों ने की, मुरादें होती हैं यहां पूरी, आते हैं देशभर से

[ad_1]

Kankali Mata Temple in Sasni, Hathras

माता कंकाली
– फोटो : संवाद

विस्तार


सासनी में स्थित कंकाली माता का मंदिर हाथरस जनपद के प्रमुख मंदिरों में जाना जाता है। यहां पर माता कंकाली सैकड़ों वर्षों से अपने भक्तों पर कृपा बरसा रही हैं। आगरा-अलीगढ़ हाईवे स्थित सासनी कस्बा से 3 किलोमीटर दूर कन्या गुरुकुल महाविद्यालय के सामने कंकाली माता का मंदिर है, यहां हर सोमवार को मेला लगता है। नवरात्रि में पूजा अर्चना के लिए यहां अन्य प्रांतों से भी लोग आते है। ऐसी मान्यता है कि मां कंकाली के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता है। जिन भक्तों पर संतान नहीं होती है, वे माता के दरबार में सतिऐ रख जाते हैं। संतान प्राप्त होने के बाद फिर चांदी के सतिये चढ़ने के लिए आते हैं।

प्राचीन काल से ही मां कंकाली के मंदिर की मान्यता पूरे देश में प्रचलित है। बुजुर्ग बताते हैं कि कंकाली माता मंदिर की स्थापना राजस्थान से आए ग्वालों ने उस वक्त की, जब वह खाना बना रहे थे। उनके बच्चे बीमार हो गये और रात्रि में मां ने सपने में अपने होने की बात कही। जहां चूल्हा जलाया हुआ था, वहीं पर जमीन की सफाई और समतलीकरण करते समय देवी पिंडी के रूप में मां प्रकट हुईं। जिन्हें उनके पूर्वज पेड़ के नीचे रखकर पूजा करने लगे। उसके बाद वहां पर भक्तों का तांता लग गया गया और वहां पर कंकाली माता का मंदिर बनना शुरू हुआ। वहां पर भक्तों की मुरादें भी पूरी होने लगीं, तो भक्त मां के मंदिर के निर्माण में योगदान करने लगे। वहां पर कंकाली माता का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया।

सोमवार को मां कंकाली मंदिर की बहुत मान्यता है। भक्त अन्य प्रांतों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत पूरे देश से मां के दरबार में आते हैं और माता के दरबार में अपनी चुन्नी बांधकर मन्नत मांगते हैं। पुजारी सुनील कुमार ने बताया कि मंदिर में उनकी कई पीढ़ी से पूजा अर्चना करती आ रही है। उन्होंने बताया कि    यहां साक्षात मां कंकाली प्रकट हुईं। यहां भक्त जो मनोकामना लेकर आते हैं, उनकी मां कंकाली स्वयं मनोकामना पूर्ण करती हैं। 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *