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कठुआ रेलवे स्टेशन
– फोटो : संवाद
विस्तार
कठुआ और पंजाब के ऊंची बस्सी के बीच बिना चालक करीब 80 किलोमीटर दौड़ी मालगाड़ी के मामले में रेलवे ने कठुआ स्टेशन मास्टर समेत छह लोगों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच कमेटी कर रही है। जांच में यदि कोई अन्य कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम संजय साहू ने बताया कि एक कमेटी कठुआ में मामले की जांच कर रही है। शुरुआती दौर में कठुआ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर, मालगाड़ी के लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, प्वाइंटमैन (कठुआ), लोको इंस्पेक्टर और टीआई को निलंबित किया गया है।
एक सवाल के जवाब में साहू ने कहा कि कठुआ में खड़ी मालगाड़ी से जुड़े दोनों डीजल इंजन बंद थे। ये ट्रेन कैसे चल पड़ी, इस संबंध में कमेटी जांच करने में जुटी है। ट्रेन कठुआ और ऊंची बस्सी के बीच लगभग 80 किलोमीटर दौड़ी है। ट्रेन की प्रत्येक गतिविधियों पर फिरोजपुर स्थित कंट्रोल रूम में बैठकर पल-पल की जानकारी हासिल की जा रही थी।
इसे रोकने के लिए रेल पटरी में मिट्टी भी डाली गई थी। सभी ट्रेनों को रोक दिया गया था। यही नहीं, बिजली बंद कर दी गई थी ताकि ट्रेन ड्रेलमेंट होती है तो उसके डिब्बे बिजली की तारों से न टकराए, ऐसा होने से बड़ा हादसा हो सकता था। एक सवाल के जवाब में साहू ने कहा कि उक्त ट्रेन को रेल पटरी से उतारने की भी योजना बनाई जा रही थी लेकिन ट्रेन की रफ्तार धीमी होने लगी, इसीलिए उनके कर्मचारियों ने ट्रेन को सही सलामत ऊंची बस्सी में रोक लिया।
चीफ सेफ्टी अफसर पहुंचे कठुआ, कर्मचारियों के बयान दर्ज
सोमवार को दिल्ली से प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी अफसर डिंपी गर्ग सहित दर्जन भर अधिकारी दिल्ली, फिरोजपुर और कठुआ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर (जम्मू ) प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच जारी है। जांच पूरी होने पर अगर अन्य लोगों की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कठुआ रेलवे स्टेशन पर टीम ने पहुंचकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं।
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