कवि सम्मेलन: मांगा है दुआओं में, जपी दिन रात माला है, दुआएं इनकी ले लो जी, जिन्होंने तुमको पाला है

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सिकंदराराऊ के कवि सम्मेलन में कवियत्री का स्वागत करते आयोजक

सिकंदराराऊ के कवि सम्मेलन में कवियत्री का स्वागत करते आयोजक
– फोटो : अमर उजाला

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महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर सिकंदराराऊ में शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी केंद्र राधानगर के तत्वावधान में हिंदी प्रोत्साहन समिति के सहयोग से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।आगरा की कवियत्री मीना शर्मा ने मांगा है दुआओं में, जपी दिन रात माला है, दुआएं इनकी ले लो जी, जिन्होंने तुमको पाला है कविता का पाठ कर समां बांध दिया।

मुख्य अतिथि जिला भाजपा कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता और केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी नैना दीक्षित, ब्रह्माकुमार सुनील शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पंकज गुप्ता ने कहा कि ब्रह्माकुमारियां समाज से कुरीतियां एवं व्यसनों को दूर करने में भारी योगदान कर रही हैं। मथुरा से पधारी कवयित्री श्रीमती सुधा अरोरा ने सरस्वती वंदना के बाद पढ़ा है सत्य जहां, बाबा है वहां है, प्रेम जहां, बाबा है वहां।

एटा के कवि कुशल कांत कुशवाहा ने मां बाप के संबंध में पढ़ा- जमीन पर रूप ईश्वर का मां बाप होते हैं। एटा के बीके सुभाष चौहान ने पढ़ा- तन दीपक मन बाती लिए बाबा आया है सबके लिए। प्रमोद विषधर ने पढ़ा- ओम का नाम ही सार का सार है, विश्व का ओम ही सिर्फ आधार है। चमचा हाथरसी ने पढ़ा- शिव बाबा को जानो परमपिता पहचानो। व्यंग्यकार देवेन्द्र दीक्षित शूल ने पढ़ा- धन कमा कर घर चलाना अच्छा काम है, पर दूसरों का दिल दुखा न धन कमाइए। टूंडला से पधारे वरिष्ठ कवि दिनेश कांत दोषी ने पढ़ा- दूषित है आसमां में, धरती में जल हवा में, आशा किरण बची है इस धर्म की ध्वजा तके।

इससे पहले विशिष्ट अतिथि हरपाल सिंह यादव, समाजसेवी व बबलू सिसोदिया का सम्मान अरुण सिसोदिया व रजनी सिसोदिया ने किया। दिनेश कांत दोषी टूंडला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन देवेंद्र दीक्षित शूल ने किया।

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