कश्मीर: फैसले से पहले सुरक्षा चक्रव्यूह में रही घाटी, पुलिस के साथ सुरक्षाबल भी रहे तैनात

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Kashmir: Before supreme court verdict valley remained in security maze

श्रीनगर
– फोटो : एजेंसी

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अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से पूर्व सोमवार को कश्मीर घाटी सुरक्षा के चक्रव्यूह में रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटी में कई स्थानों पर सुरक्षाबल भी तैनात रहे।

जानकारी के अनुसार श्रीनगर शहर और आस-पास के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त जवानों की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं शहर के भीतर और साथ लगते इलाकों, खासकर शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर नाके लगाए गए थे और इस दौरान संदिग्ध नजर आने वालों को तलाशी के बाद ही जाने दिया गया।

कश्मीर के अन्य जिलों से भी सुरक्षा कड़ी रही और हर संदिग्ध पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में कहीं भी लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। आम जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य दिनों की तरह सुबह खुले रहे।

साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर रखी नजर

अधिकारियों ने कहा कि इस सबके बीच सुरक्षा एजेंसियों ने भी स्थिति पर कड़ी नजर रखी और शांति भंग की स्थिति में कड़ी कार्रवाई के निर्देशों का पालन किया। साइबर सेल कश्मीर ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को पहले से ही किसी तरह की अफवाह न फैलाने की हिदायत दी थी। 

साइबर सेल ने अफवाहों, फर्जी समाचारों, नफरत भरे भाषणों और अन्य हिंसक सामग्री पर भी नजर रखी ताकि किसी तरह से भी शरारती तत्व शांति भंग न कर पाएं। साइबर पुलिस ने कहा कि अगर कोई आमजन किसी तकह की आपत्तिजनक सामग्री देखता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाबलों के काफिले की आवाजाही को नहीं दी गई अनुमति

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को किसी भी काफिले की आवाजाही को अनुमति नहीं दी गई। कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने सभी सुरक्षाबलों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को जारी एक सलाह में कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में वीआईपी और संरक्षित व्यक्तियों को ले जाने वाले या उन्हें लाने वाले वाहनों की आवाजाही से बचा जाना चाहिए।

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