कश्मीर: स्मार्ट सीटी श्रीनगर में सुरक्षाबलों के बंकर भी होंगे स्मार्ट, जी20 बैठकों से पहले बढ़ाई गई सतर्कता

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jammu kashmir news: Bunkers of security forces also be smart in Smart City Srinagar vigilance increased before

सुरक्षाबल (फाइल)
– फोटो : PTi

विस्तार

कश्मीर घाटी में मई के अंतिम सप्ताह में जी20 देशों के पर्यटन कार्य समूह की तीसरी बैठक होनी है। इसको लेकर न केवल सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है, बल्कि श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोग्राम के तहत शहर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। वहीं, अब इस स्मार्ट सिटी में स्मार्ट बंकरों की भी स्थापना की जा रही है।

जानकारी के अनुसार श्रीनगर शहर में जितने भी सुरक्षाबलों के बंकर हैं, उन्हें सजाया संवारा जा रहा है। श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे शहर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सड़कें ठीक की जा रही हैं। फुटपाथ आदि का काम चल रहा है। सड़क के किनारे पहले से बने सुरक्षाबलों के बंकर काफी पुराने हैं।

 इसलिए उनका भी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। शहर में 30 से अधिक ऐसे बंकर हैं, जिनकी फेस लिफ्टिंग और रेनोवेशन का कार्य जारी है। इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में से करीब 44.44 लाख का अलग से बजट है। इसे 20 दिनों के अंदर पूरा करना है।

सीआरपीएफ के एक आला अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर शहर में पहले से स्थापित बंकरों की फेस लिफ्टिंग के दौरान स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों की ओर से बंकरों के बाहर जी20 बैनर लगाने के साथ साथ उनके सजाने के कार्यों का प्रपोजल दिया गया था। 

उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जा रहा है। अधिकारी के अनुसार बंकर के अंदर जवाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

समन्वय के साथ काम कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां

इस बीच आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने शहर में सतर्कता बढ़ा दी है। सभी सुरक्षा एसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। शहर के लगभग सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स के साथ-साथ शहर के लगभग सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाबलों के नाके स्थापित किए गए हैं। इन नाकों कर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जाती है। तलाशी के दौरान एक सुरक्षाकर्मी उनकी वीडियोग्राफी भी कर रहा है, ताकि उच्च अधिकारियों के पास इसका रिकॉर्ड रहे।

आधुनिक उपकरणों के साथ सुरक्षाकर्मी कर रहे गश्त

शहर में भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थान जो आसानी से आतंकी गतिविधि का निशाना बन सकते हैं, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है। स्कूल, कॉलेज आदि स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों को मेटल डिटेक्टर आदि जैसे आधुनिक उपकरणों के साथ गश्त करवाई जा रही है। दिन में कई बार ऐसी जगहों पर ऐसी ड्रिल की जाती है। इस बीच सूत्रों की मानें तो सैंकड़ों युवाओं को जिनका आतंकवादी गतिविधियों के साथ ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, उन्हें भी थानों द्वारा उठाया जा रहा है।

एडीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था पर की गहन चर्चा

मंगलवार को एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम कश्मीर श्रीनगर में पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आगामी जी-20 के सुचारू संचालन और सुरक्षा के लिए अपनाई जाने वाली समग्र सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में गहन चर्चा की गई। बैठक के दौरान एडीजीपी कश्मीर ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और शिखर सम्मेलन के लिए पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, काउंटर ड्रोन उपायों और सुरक्षा योजना के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित थी। बैठक के दौरान, वीबीआईईडी (व्हीकल बोर्न आईईडी) के उभरते खतरे और संभावित फिदायीन सहित अन्य हमलों पर विशेष ध्यान देने पर चर्चा की गई।

एडीजीपी ने शिखर सम्मेलन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए समुद्री कमांडो (मार्कोस) की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अलावा एडीजीपी ने सभी हितधारकों के साथ साझा किया कि एनएसजी टीम का उपयोग काउंटर फिदायीन हमले के लिए एसओजी के साथ किया जाएगा और काउंटर ड्रोन के लिए विशेषज्ञ एनएसजी टीमों को सभी स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

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