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कानपुर देहात सामूहिक हत्याकांड
– फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात में देवराहट क्षेत्र के गांव सेल्हुपुर में वर्ष 1979 में हुए सामूहिक हत्याकांड के मामले में अदालत ने गुरुवार को पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाहों ने बताया कि घटना के दौरान मौके पर किसी महिला को हमलावरों ने नुकसान नहीं पहुंचाया था।
भाई की हत्या का बदला लेने के लिए घर में घुसे रमेशचंद्र ने घटना के समय साथियों से कहा था कि किसी महिला को नहीं मारा जाएगा। आदमी कोई बचने न पाए, सभी को ऐसे मारो कि मिसाल हो जाए। सेल्हूपुर गांव में नवंबर 1978 में किसान दिनेशचंद्र की हत्या हुई थी।
इसमें आरोपी अयोध्या प्रसाद कुछ दिन बाद जमानत पर रिहा हुआ था। वहीं, बदला लेने के इरादे से दिनेश के भाई रमेशचंद ने अपने साथियों के साथ 23 अप्रैल 1979 की रात अयोध्या प्रसाद के घर में घुसकर भाई सरजू, भतीजे शिव प्रसाद व छोटे तथा चार साल के पौत्र भीम सिंह की हत्या कर दी थी।
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