काम पर हक का विवाद: शिमला टैक्सी यूनियनों का डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन, जमकर नारेबाजी

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Shimla taxi unions protest outside DC office

शिमला टैक्सी यूनियनों का प्रदर्शन
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देवभूमि टैक्सी ऑपरेटर यूनियन और सिरमौर की चूड़ेश्वर यूनियन में काम पर हक को लेकर गत शुक्रवार रात हुई झड़प का विवाद हल नहीं हो पाया है। सिरमौर टैक्सी यूनियन के खिलाफ प्रशासन और पुलिस के कार्रवाई नहीं करने से नाराज शिमला की टैक्सी यूनियनें आज हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते सुबह 10:00 बजे के बाद कोई भी लोकल टैक्सी नहीं चली। शहर की स्कूल टैक्सियां सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने तो गईं, लेकिन छुट्टी के बाद वापस नहीं लाने का फैसला लिया। इस कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं पर्यटन सीजन के चलते सैलानियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नेताओं और यूनियनों की जरा सी नासमझी से शिमला में क्षेत्रवाद का मुद्दा गरमा गया है। यहां पर सिरमौर की टैक्सी यूनियनों समेत सिरमौर के मुख्य धारा के लोग इस संबंध में मंत्री पर क्षेत्रवाद के आरोप लगा रहे हैं।

दूसरी ओर पंचायती राज मंत्री के क्षेत्र की एक अन्य टैक्सी यूनियन सिरमौर की टैक्सी यूनियन का बहिष्कार करने पर उतारू है। मसला काम पर हक का है और टैक्सी यूनियनों और होटल कारोबार से जुड़े लोग आमने-सामने आ गए हैं। शिमला टैक्सी यूनियन के सदस्य नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदर्शन में पंचायत प्रतिनिधि, महिला और युवा मंडल भी शामिल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर सिरमौर के लोगों ने अराजकता का माहौल बनाने और क्षेत्रवाद के नाम पर लोगों को लड़ाने की कोशिश की, जबकि यह व्यावसायिक लड़ाई है। इन लोगों ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल की। शिमला की यूनियन के दो लोगों पर जानलेवा हमले के आरोपियों को पंचायतीराज मंत्री के आदेशों के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया। प्रशासन और पुलिस के रवैये के प्रति स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों में रोष है। 

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