कालाष्टमी व्रत पूजा कब करनी चाहिए, जानें निशिता काल पूजा मुहूर्त और विधि

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काल भैरव

काल भैरव की पूजा करने से हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है. बाबा काल भैरव की पूजा करने से तंत्र और मंत्र की सिद्धि होती है.

काल भैरव

माघ मास के कलाष्टमी आज है. कालाष्टमी व्रत की पूजा निशिता काल में करने का विधान है.

काल भैरव

निशिता काल पूजा मुहूर्त- 2 फरवरी को देर रात 12 बजकर 8 मिनट से रात के 1 बजकर 1 मिनट तक

कालाष्टमी पूजा से पहले स्नान करें और पूजा स्थल को साफ करें.

फिर काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.

काल भैरव

अब काल भैरव को धूप, दीप से पूजन कर नारियल, इमरती, पान, मदिरा का भोग लगाएं.

घर में गंगाजल छिड़कें और उन्हें फूल अर्पित करें

काल भैरव

काल भैरव के समक्ष चौमुखी दीपक जलाएं.

पूजा के दौरान भैरव चालीसा और मंत्रों का पाठ करें.

पूजा के अंत में आरती करें और काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करें.

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