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वाराणसी नगर निगम
– फोटो : संवाद
विस्तार
वाराणसी नगर निगम के आठों जोन को 15 सब जोन में बांटने से मकानों के दो नंबर हो जाएंगे। इससे शहर के लोगों को कई तरह की समस्या आएगी। दो दिसंबर को हुई सदन की बैठक में उप सभापति सुरेश चौरसिया ने नई व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी। बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने इसे चार दिसंबर को ही लागू कर दिया। इस व्यवस्था पर कई पार्षदों ने नाराजगी जताई है।
नगर निगम को सीमा बढ़ने के बाद शहर को आठ जोन में बांटा गया। पिछली सदन की बैठक में नगर निगम ने आठों जोन को सब जोन का प्रस्ताव रखा। इस पर उपसभापति सुरेश चौरसिया ने कहा कि इससे पुराने शहरवासियों के पते बदल जाएंगे। उस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था अभी नहीं लागू होगी। जबकि सदन की बैठक के दो दिन बाद इस व्यवस्था लागू कर दी। अब इसे लेकर पांडेयपुर के पार्षद अशोक मौर्या, रमरेपुर के पार्षद संजय जायसवाल, करौंदी के पार्षद श्याम भूषण शर्मा, पितृकुंड के पार्षद अमरेश कुमार आदि ने विरोध जताया है।
पुराने शहर में दिखेगा असर
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक हर पांच में यह बदलाव करने का प्रावधान है। इस बदलाव का असर नए शहरी क्षेत्र में तो नहीं लेकिन पुराने शहरी क्षेत्र में देखने को मिलेगा। पुराने शहरी क्षेत्र के मकानों पर पहले से दर्ज नंबर के साथ ही नए मकान नंबर दिए जाएंगे। इससे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण, गृहकर असेसमेंट आदि की समस्या होगी।
14 को कार्यकारिणी की बैठक में उठाएंगे मुद्दा
सब जोन की व्यवस्था लागू होने से नाराज पार्षदों ने कहा कि उपसभापति सुरेश चौरसिया के द्वारा इस मुद्दे को आगामी 14 दिसंबर को होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में
उठाएंगे। साथ ही अधिकारियों से सदन के आदेश की अवहेलना का जवाब भी मांगेगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि नए सब जोन बनाकर फिलहाल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य समस्याओं पर विचार किया जा रहा
है। जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।
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