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डीएपी
– फोटो : अमर उजाला
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एटा के जलेसर क्षेत्र में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। उन्हें जरूरत भर के लिए खाद नहीं मिल पा रही। जबकि विक्रेता इसकी कालाबाजारी में जुटे हैं। बृहस्पतिवार रात करीब 9 बजे जलेसर क्षेत्र के इसौली रोड स्थित गांव मोहनपुर में ग्रामीणों ने डीएपी कालाबाजारी को जा रही मैक्स को पकड़ लिया तथा हंगामा काटने लगे। मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस व एसडीएम को दी। मौके पर पहुॅचे एसडीएम ने मैक्स व चालक को पुलिस के हवाले कर दिया।
गांव सांथानवीपुर से कालाबाजारी के लिए आ रही डीएपी से भरी मैक्स गाड़ी को रात के समय ग्रामीणों ने पकड़ लिया। उनका आरोप था कि सचिव द्वारा मैक्स से जलेसर-फिरोजाबाद रोड स्थित गांव कोसमा में डीएपी की 40 बोरी कालाबाजारी के लिए भेजी गई थीं। इस बात पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर सूचना पर पहुंची पुलिस व एसडीएम नितिन तेवतिया ने मैक्स व इसके चालक को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने खाद से भरी गाड़ी कब्जे में ले ली है।
एसडीएम ने जिलाधिकारी व कृषि अधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि ग्रामीणों द्वारा दी गयी सूचना के आधार पर प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना (डीएपी) के 40 कट्टों के साथ वाहन पकड़ा गया। वाहन एवं इसके चालक प्रेमचंद्र निवासी आराजी वीरहार को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। वाहन चालक से पुछताछ करने पर उसने बताया कि यह कट्टे ग्राम सांथानवीपुर की सोसायटी के सचिव द्वारा मेरी गाड़ी में रखवाकर ग्राम कोसमा ले जाने के लिए कहा गया था।
एसडीएम ने बताया कि चालक द्वारा डीएपी के कोई प्रपत्र न दिखाए जाने से कालाबाजारी की आशंका प्रतीत होती है। कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि अभी तक कृषि विभाग के अधिकारियों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर प्राप्त होते ही मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
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