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आवारा कुत्ते
विस्तार
शिवपुर के तरना में आवारा कुत्तों ने एक छह साल की बच्ची पर हमला कर दिया। इससे जहां बच्ची के शरीर पर कई जगह कटे के निशान पड़ गए वहीं उसके सिर में गंभीर चोट भी लगी है। बच्ची को पहले दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर होता देख आशापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर हो गया ग्रामीण इलाका, हर जगह सड़कों पर घूमते कुत्ते देखने को मिल जाएंगे। ऐसा इसलिए कि एक दो नहीं बल्कि 35 हजार से अधिक आवारा कुत्ते जिले में हैं।
इनको पकड़ने का अभियान भी नगर निगम की ओर से चलाया जाता है लेकिन इनके काटने से होने वाली घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिस तरह से शिवपुर के हटिया गोडहा तरना निवासी गोविंद यादव की छह साल की बच्ची अंशिका पर कुत्तों ने हमला बोला, यह दृश्य देखने और घटना को सुनने के बाद हर कोई डरा सहमा है। घटना उस समय हुई जब अंशिका अपने घर से दूसरे के घर पर जा रही थी। इसी बीच कुछ आवारा कुत्ते उसके तरफ झपटे और बच्ची के मुंह को दबोच लिया और काट लिया। सूचना पाकर परिजन भी पहुंचे। यहां से किसी तरह बच्ची को दीनदयाल अस्पताल लेकर गए, जहां उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। यहां से हालत नाजुक होने पर परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भती्र कराया। बच्ची की मां विमला देवी, पिता गोविंद बहुत चिंतित हैं।
कुत्ता काटने के बाद इलाज में न करें देरी
स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल आफिसर डॉ. अतुल सिंह का कहना है कि कुत्ता काटने के बाद संबंधित के इलाज में किसी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए। ऐसा इसलिए कि कुत्ते के मुंह में बैक्टीरिया अधिक होती है, इस वजह से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। सबसे पहले काटने वाली जगह को साबुन से धुलकर फिर उसे साफ कपड़े से पोछना चाहिए। अस्पताल ले जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूरी लगवानी चाहिए। यह भी ध्यान देना चाहिए कि बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी उपचार स्वत: नहीं कराना चाहिए।
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