कुत्तों की नसबंदी: एमसीडी ने  65 से अधिक वार्डों में 90 फीसदी काम किया पूरा, हर महीने सात से आठ हजार का टारगेट

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MCD sterilized 90 percent of dogs in more than 65 wards in Delhi

आवारा कुत्ते
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 65 से अधिक वार्डों में करीब 90 फीसदी तक लावारिस कुत्तों की नसबंदी का काम पूरा किया है। निगम के मुताबिक, पशु चिकित्सा विभाग बाकी वार्डों में इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए काम कर रहा है। लावारिस कुत्तों की जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 21 एनजीओ एमसीडी के साथ काम कर रहे हैं।

एमसीडी ने कुत्तों का नसबंदी अभियान तेज करते हुए अतिरिक्त एनजीओ जोड़े हैं। पहले इनकी संख्या 16 थी, अब 21 हो गए हैं। द्वारका सेक्टर-29, उस्मानपुर, रोहिणी सेक्टर-27, मसूदपुर, तिमारपुर, बेला रोड, लाजपत नगर, कोटला, गाजीपुर, बिजवासन, सैनिक एनक्लेव, नंगली, सतबड़ी, मसूदपुर, रजोकरी, राजा गार्डेन सहित 21 नसबंदी केंद्र खोले हैं। पांच केंद्र एनजीओ के हैं, आठ केंद्र एमसीडी के और आठ केंद्र दिल्ली सरकार के अस्पतालों में चल रहे हैं। जल्द ही मुंढेला, तुगलकाबाद, प्रहलादपुर, द्वारका सेक्टर-29 और रोहिणी सेक्टर-27 में बंद पड़े वेटरनरी अस्पतालों व नसबंदी केंद्रों को एनजीओ की मदद से खोला जाएगा।

एमसीडी ने हर साल करीब 75,000 कुत्तों की नसबंदी करने की योजना बनाई है। करीब 55 हजार कुत्तों की नसबंदी अभी हर साल हो रही थी। एमसीडी हर एक लावारिस कुत्ते को पकड़ने और इसकी नसबंदी के एवज में एनजीओ को 900 रुपये का भुगतान करता है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विकासपुरी, लाजपत नगर, जनकपुरी, मयूर विहार फेज-1, आरके पुरम, राजा गार्डन, तिलक नगर सहित कुल 65 से ज्यादा वॉर्डों में करीब 90 फीसदी तक नसबंदी हो पाई है। हर महीने 7-8 हजार कुत्तों की नसबंदी की जा रही है।

रैबीज संक्रमण से इलाज के लिए केवल एक अस्पताल

कुत्ता, बिल्ली, बंदर या अन्य जानवर के काटने के बाद संक्रमण होने पर इलाज के लिए दिल्ली में एमसीडी के किंग्सवे कैंप में महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल के अलावा दूसरा अस्पताल नहीं है।यहां हर दिन पांच से 10 मरीज रहते हैं। यहां डॉक्टर, नर्स के साथ बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। बीते दिनों मेयर डॉ शैली ओबेरॉय ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करते दौरान सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए थे।

पशु चिकित्सालय व कई जरूरी सेवाओं को विस्तार

  • निगम अस्पतालों की निगरानी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य समिति (पीएचसी) का गठन किया है।
  • बसंत कुंज ओसीएफ पॉकेट सेक्टर-बी में पशु चिकित्सालय बनाने के लिए डीडीए से भूमि ली है। यहां पशु-पक्षियों का इलाज होगा।
  • पशुओं (कुत्ता, भेड़, बकरी, बंदर, सुअर) के लिए द्वारका सेक्टर-29 में सीएनजी शवदाह गृह खोला।
  • लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अतिरिक्त मैन पावर बढ़ाने की तैयारी।

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