कोटद्वार में बारिश से तबाही: पनियाली गदेरे का दिखा रौद्र रूप, घरों और आर्मी कैंप में घुसा पानी, दो कारें बही

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भारी बारिश से कोटद्वार भाबर क्षेत्र की सभी नदियां उफान पर आने से इसके तटवर्ती इलाकों में लोग सहमे रहे। पनियाली गदेरे के उफान से गबर सिंह कैंप और कौड़िया के घरों में गदेरे का पानी घुस गया। लोग मूसलाधार बारिश में घरों से निकलकर छत पर आ गए। घर में करीब दो फीट तक भरे मलबे में लोगों का सारा सामान खराब हो गया है। वहीं, करीब आठ घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण करीब 200 घरों में पानी घुसा है। दो कारों के भी बहकर शहर में आई हैं। वहीं, पुलिस भी मौके पर पहुंचकर लोगोें को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रही है। वहीं, खोह नदी और पनियाली गदेरे के किनारे से घरों को खाली कराया। 

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पार्षद सुभाष पांडे ने बताया कि कौड़िया में बाढ़ जैसे हालत हो गए हैं। लोगों को घरों से बाहर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। उधर, सेना के गबर सिंह कैंप में पनियाली गदेरे का पानी घुसने से भारी नुकसान होने की आशंका है।



वहीं मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से यहां बनाया गया 300 मीटर स्पान का ह्यूमपाइप कॉजवे डूब गया और 12 मजदूर फंस गए जिन्हें देर शाम लोनिवि और स्थानीय पुलिस ने जेसीबी की मदद से निकाल लिया। वहीं पनियाली समेत सभी नदी-नाले उफान होने से लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।


बीते 13 जुलाई को मालन पुल टूटने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही के लिए मालन नदी पर ह्यूमपाइप कॉजवे बनाया गया था। सोमवार रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण यहां कॉजवे का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।


मंगलवार को यहां लोनिवि के 12 मजदूर कॉजवे की मरम्मत कर रहे थे लेकिन मालन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और मजदूर यहां फंस गए। जबकि कॉजवे पानी में डूब गया। वहीं शाम करीब चार बजे से कंडी मार्ग पर भी यातायात बाधित चल रहा है।


बारिश का सिलसिला जारी होने से अभी लोनिवि नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई है। प्रशासन ने दो पहिया और छोटे वाहनों को मवाकोट-कण्वाश्रम मार्ग से आवाजाही करने को कहा है।


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