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क्रिप्टो करेंसी ठगी।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसी ठगी के बाद अब माईवी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करवाकर ठगने के मामले सामने आने लगे हैं। लोगों से माईवी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर 46.52 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड करने का मामला सामने आया है। जनवरी 2023 में लोगों को पैसा तीन गुना करवाने का लालच देकर निवेश करवाया गया, लेकिन अब न तो एजेंट फोन उठा रहे और न साइट चल रही है। इस मामले में 14 लोगों ने नॉर्थ रेंज स्थित धर्मशाला के डीआईजी को शिकायत की है। बताया जा रहा है कि ठग जीकरपुर, चंडीगढ़, हरियाणा के रहने वाले हैं। राजधानी में साइबर फ्रॉड का यह पहला इतना बड़ा मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक माईवी वेबसाइट और ऐप के जरिये क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 46.52 लाख रुपये से ज्यादा का साइबर फ्रॉड किया गया है। जनवरी 2023 में शिमला शहर के ही एजेंट मान सिंह, कपिल और विनोद वर्मा इनके पास आए और कहा कि अगर वे माईवी क्रिप्टोकरेंसी पर आईडी बनाते हैं और पैसा निवेश करते हैं तो उन्हें तीन गुना रिटर्न मिलेगा।
1 लाख के निवेश पर 3 लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया। इसके अलावा हर दिन की अलग से 0.5 डॉलर प्रतिशत के हिसाब से कमाई होगी। इस बीच शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, चंडीगढ़ के करीब 14 लोग एजेंटों के झांसे में आ गए। एजेंटों ने सबसे पहले इन लोगों की आईडी कंपनी की साइट पर बनवाई। इसके बाद बिटकाॅइन की तर्ज पर लाखों का निवेश किया। इस दौरान कुछ महीने बाद निवेशकों ने पैसा मांगना शुरू किया तो इन्हें कहा गया कि अभी सर्वर डाउन है, साइट नहीं चल रही। बाद में एजेंटों का कहना था कि शिकायत न करें, उनके पैसे ब्याज सहित वापस मिल जाएंगे, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले तो पीड़ितों ने 16 जनवरी को प्रदेश सरकार की ओर से क्रिप्टोकरेंसी ठगी के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद इन लोगों की तरफ से डीआईजी उतरी रेंज को शिकायत दर्ज करवाई।
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