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सांसद राजकुमार चाहर
– फोटो : अमर उजाला
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आगरा में थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों ने भूमाफिया के साथ मिलकर किसान परिवार को झूठे केस में जेल भेज दिया। महिलाओं को भी नहीं बख्शा। आबकारी निरीक्षक के सहयोग से उन्हें भी जेल पहुंचाया। पुलिस, आबकारी और भूमाफिया ने मिलकर सरकार को भी बदनाम करने की साजिश की है। पुलिस वाले समाज को सुरक्षा देने की कसम खाकर आते हैं। अगर, रक्षक ही भक्षक बनेगा तो आम जनता कहां जाएगी। यह बड़ा अपराध है। सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ये बातें सोमवार को फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने कही।
पीड़ित परिवार का हाल जानने के लिए सांसद पहुंचे थे। उन्होंने रवि कुशवाह के घर और जमीन को देखा। पेड़ काटने, दीवार तोड़ने की जानकारी ली। सांसद ने कहा कि पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका किसने निभाई? किसकी भूमि थी? किससे कब्जा करके किसको लाभ मिलना था? किनके नाम बोर्ड पर आज रहे, किसके नाम पहले रहे? किसने जेल जाकर धमकी दी? यह सब पता चलना चाहिए।
परिवार सुरक्षित रूप से रहे, इसके लिए पुलिस सुरक्षा दिलाने के लिए आयुक्त से बात की गई है। साजिश में शामिल लोगों की पुलिस जांच करे। थानाध्यक्ष किन-किन लोगों के संपर्क में था। इसके लिए कॉल डिटेल निकाली जाए। सीसीटीवी कैमरे देखे जाएं। आबकारी कर्मियों की क्या भूमिका थी? अधिकारियों ने झूठे मुकदमे का मामला क्यों नहीं पकड़ा? यह सब जांच में आना चाहिए।
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