गगनयान: 10 पैराशूट ने गगनयान के क्रू मॉड्यूल को समुद्र में उतारा, आगरा के एडीआरडीई ने तैयार किए हैं सिस्टम

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Gaganyaan 10 parachutes landed the crew module of Gaganyaan in sea ADRDE of Agra has prepared the systems

गगनयान
– फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@ISRO

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आगरा में एडीआरडीई के वैज्ञानिकों ने गगनयान कार्यक्रम में इतिहास रच दिया। आगरा में बनाए गए पैराशूट सिस्टम की मदद से गगनयान के क्रू मॉड्यूल को श्रीहरिकोटा के पास बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक उतारा गया। शनिवार सुबह इसरो ने गगनयान क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित लैंडिंग के लिए टीवी डी-1 उड़ान का परीक्षण किया था, जिसमें आगरा के बने 10 पैराशूट सिस्टम से क्रू मॉड्यूल की रफ्तार थामने के साथ सटीक जगह पर लैंडिंग कराई गई।

परीक्षण के गौरवशाली पलों को देखने के लिए एडीआरडीई के निदेशक डाॅ. मनोज कुमार, प्रोजेक्ट लीडर स्वदेश कुमार, उनकी टीम अनुराग यादव, विनोद यादव श्रीहरिकोटा में लैंडिंग के दौरान मौजूद रहे। वैज्ञानिकों ने बताया कि टीवी डी-1 उड़ान का उद्देश्य गगनयान मिशन का एक परीक्षण निरस्त होने पर पैराशूट सिस्टम, क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण करना था।

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16.7 किमी ऊंचाई पर रॉकेट से हुआ अलग

परीक्षण में एक मानवरहित क्रू मॉड्यूल को एक रॉकेट के जरिए पृथ्वी की सतह से लगभग 16.7 किमी की ऊंचाई तक लिफ्ट किया गया। रॉकेट से अलग होने के बाद क्रू एस्केप सिस्टम की प्रणाली शुरू की गई। मॉड्यूल के वेग को रोकने के लिए आगरा एडीआरडीई द्वारा तैयार किए गए पैराशूट सिस्टम ने काम शुरू कर दिया, जिसमें 10 पैराशूट शामिल थे। इन पैराशूट की मदद से बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित लैंडिंग की जा सकी।

तीन दिनों तक 400 किमी की कक्षा में रहेंगे अंतरिक्ष यात्री

इसरो के गगनयान कार्यक्रम में तीन सदस्यीय दल तीन दिनों के लिए 400 किमी (250 मील) की कक्षा में रॉकेट की मदद से जाएंगे। इन अंतरिक्ष यात्रियों को पैराशूट सिस्टम के जरिए अंतरिक्ष से लौटने वाले क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित लैंडिंग करानी होगी। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से पृथ्वी की सतह पर लाएगा। पैराशूट अंतरिक्ष से लौटने वाले क्रू मॉड्यूल की गति को रोकने के लिए एक ब्रेकिंग सिस्टम के रूप में रहेगा।

 

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