गयाजी डैम का सीएम नीतीश करेंगे उद्घाटन,स्टील ब्रिज का भी होगा लोकार्पण

[ad_1]

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोक्षदायिनी फल्गु नदी पर बने गयाजी डैम का गुरुवार को विधिवत उद्घाटन करेंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Jatin Madan | Updated on: 07 Sep 2022, 07:06:19 PM

cm nitish kumar

फाइल फोटो (Photo Credit: फाइल फोटो)

Gaya:  

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोक्षदायिनी फल्गु नदी पर बने गयाजी डैम का गुरुवार को विधिवत उद्घाटन करेंगे. साथ ही सीताकुण्ड जाने हेतु पुल का लोकार्पण भी करेंगे. उक्त कार्यक्रम कल दोपहर लगभग एक बजे के आसपास किया जाएगा. इस दौरान विष्णुपद मंदिर के समीप पितृपक्ष मेला-2022 का उद्घाटन भी किया जाएगा. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव शामिल होंगे. इसे लेकर भव्य मंच का निर्माण कराया गया है. इस मौके पर जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि यह पितृपक्ष मेला विगत 2 वर्षों के बाद मनाया जा रहा है. इस वर्ष पितृपक्ष मेला में पूर्व वर्षों की अपेक्षा में अधिक संख्या में तीर्थयात्री के आने का अनुमान है. इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 

तीर्थ यात्रियों के बेहतर सुविधा के लिए गांधी मैदान में तीन टेंट सिटी का भी निर्माण कराया गया है. टेंट सिटी का निर्माण पितृपक्ष मेला के दौरान पहली बार किया गया है. उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में फल्गु नदी में पानी नहीं रहने के कारण पिंडदानियों को तर्पण देने में काफी कठिनाइयां होती थी. फल्गु नदी के तट पर विष्णुपद मंदिर के नजदीक सालों भर जल उपलब्ध कराने हेतु गयाजी डैम का निर्माण करवाया गया. 

विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी के सतही प्रवाह को रोकने के लिए 3 मीटर ऊंचा एवं 411 मीटर की लंबाई में भारत का सबसे लंबा रबर डैम का निर्माण करवाया गया है. जिसमें 65- 65 मीटर लंबाई के 06 span हैं. इसके रबर ट्यूब में आधुनिक स्वचालित विधि से हवा भरी एवं निकाली जा सकती है, जिसके कारण फल्गु नदी के जल के प्रवाह एवं भंडारण को प्रभावी रूप से संचालित किया जा सकेगा. इसके साथ ही श्रद्धालुओं के विष्णुपद घाट से सीताकुंड तक पिंडदान हेतु जाने के लिए रबड़ डैम के ऊपर 411 मीटर लंबा स्टील पैदल पूल का भी निर्माण किया गया है. 

इसके साथ ही स्टील पैदल पुल से उतरकर सीताकुंड तक पहुंचने के लिए पैदल पथ भी तैयार किया गया है. श्रद्धालुओं द्वारा पिंडदान के समय उपयोग किए जा रहे नदी के पानी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए बाएं तट पर 752 मीटर की लंबाई में भूमिगत मनसरवा नाला का भी निर्माण किया गया है.

रिपोर्ट- प्रदीप कुमार सिंह






संबंधित लेख

First Published : 07 Sep 2022, 07:06:19 PM




For all the Latest
States News, Bihar News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.




[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *