“गरीबों को नि:शुल्क सेवाएं देना ‘रेवड़ी’ है, तो उद्योगपतियों का कर्ज माफ ‘रबड़ी’ ” : BJP पर  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार

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 बघेल ने सभा में कहा कि भाजपा की मंशा को समझने की जरूरत है.

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel)  ने ‘‘रेवड़ी संस्कृति” (नि:शुल्क सेवाएं देने) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े उद्योगपतियों का जो कर्ज माफ किया गया है, उसे ‘रबड़ी’ कहा जाना चाहिए. राज्य के सारंगढ़ कस्बे में नए जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ के उद्घाटन के मौके पर बघेल ने कहा कि लोगों को भाजपा की मंशा को समझने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘हमारा प्रयास शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में राज्य को आगे ले जाना है, लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा इसे रेवड़ी कहती है.‘‘

बघेल ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार किसानों के धान को यदि 2,500 रुपए में खरीद रही है, तो वह रेवड़ी है, मजदूरों को 7,000 रुपए सालाना दे रही है, तो वह रेवड़ी है, गरीबों को 35 किलोग्राम चावल दे रही है, तो वह रेवड़ी है. चार सौ यूनिट तक खपत पर बिजली बिल आधा किया जाना और बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देना रेवड़ी है. मैं पूछता हूं कि हमने यहां के किसानों का ऋण माफ किया है, तो उसे आप (भाजपा) रेवड़ी कह रहे हैं. देश के 10 बड़े उद्यागपतियों का 10 लाख करोड़ रुपए कर्ज माफ किया गया, वह रेवड़ी नहीं, बल्कि ‘मिल्क केक’ है, ‘रबड़ी’ है.‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों नि:शुल्क सेवाएं दिए जाने की संस्कृति यानी ‘रेवड़ी’ संस्कृति पर तंज कसा था, जिसके बाद बघेल ने यह बयान दिया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में कहा था, ‘‘आजकल हमारे देश में मुफ्त की रेवड़ी बांटकर, वोट बटोरने की संस्कृति लाने की भरसक कोशिश हो रही है. यह रेवड़ी संस्कृति देश के विकास के लिए बहुत घातक है. इस रेवड़ी संस्कृति से देश के लोगों, खासकर युवाओं को बहुत सावधान रहने की जरूरत है.” बघेल ने सभा में कहा कि भाजपा की मंशा को समझने की जरूरत है, जो अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने का सपना देख रही है, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा.

उन्होंने कहा, ‘‘अगर गलती से वे (भाजपा) छत्तीसगढ़ में सत्ता में आ गए, तो वे धान के लिए कभी 2,500 रूपए नहीं देंगे, बिजली बिल आधा नहीं करेंगे और कांग्रेस सरकार में दिए जा रहे अन्य लाभों को नहीं देंगे. वे गाय के नाम पर वोट मांगते हैं लेकिन वे हमारी गोबर खरीद योजना का विरोध करते हैं. वे लोगों के हित में चलाई जा रही सभी योजनाओं को बंद कर देंगे, इसलिए उनके सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है.‘‘

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के 30वें जिले के रूप में सारंगढ़-बिलाईगढ़ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने नए जिले में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 540 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमि पूजन भी किया. बाद में मुख्यमंत्री ने खैरागढ़ में एक अन्य समारोह में राज्य के 31वें जिले के रूप में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) का उद्घाटन किया.


 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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