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छठ पूजा की तैयारी में हो रही राजघाट की सफाई।
– फोटो : अमर उजाला।
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छठ पूजा में वेदी बनाने के लिए राजघाट पर धंधेबाजों (एमआरडीजे-गुज्जर) ने जिन जमीनों पर बांस-बल्ली लगाकर कब्जा कर लिया है, अब नगर निगम उसे हटाएगा। छठ पूजा के लिए नदी किनारे घेराबंदी करने पर रोक लगेगी। वेदी बनाकर उसे किसी को बेचने की शिकायत पर कार्रवाई होगी।
धंधेबाजों के इस खेल को अमर उजाला ने उजागर किया तो सरकारी अमले में हड़कंप मच गया। बृहस्पतिवार की शाम नगर आयुक्त के निर्देश पर कर्मचारियों की टीम ने घाट का जायजा लिया। फोटो खींचा और वीडियो भी बनाई। रिपोर्ट तैयार करके टीम नगर आयुक्त को देगी। इसके बाद धंधेबाजों पर कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, दशहरा बीतने के बाद दिवाली की तैयारी चल रही है। इसके पहले ही राप्ती नदी के किनारे छठ पूजा के लिए वेदी बनाने वाले लोगों ने राजघाट के किनारे की जमीनों पर कब्जा शुरू कर दिया। गुरु गोरखनाथ घाट और श्रीराम घाट की ओर लोगों ने बाड़ बनाकर जमीन पर कब्जा कर लिया। जगह-जगह घेराबंदी की गई है। इनमें कुछ श्रद्धालु हैं तो कुछ धंधेबाज भी शामिल हैं। धंधेबाज वेदी उपलब्ध कराने के बदले रकम लेते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पवित्र त्योहार में जगहों की सौदेबाजी नहीं होने दी जाएगी।
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