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गोरखपुर लटरेरी फेस्ट शब्द संवाद में सांसद रवि किशन।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अभिनेता और सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि राप्ती नदी पर श्मशान घाट के जीर्णोद्धार के दौरान भाषण में नवकी मशीन वाली टिप्पणी उनकी गलती थी। इसके चलते उनको ट्रोल भी होना पड़ा था। उन्होंने श्मशान घाट पर दिए गए बयान का किस्सा बड़े रोचक अंदाज में सुनाकर लोगों को गुदगुदाया।
वह गोरखपुर लिटरेली फेस्ट के गुफ्तगू कार्यक्रम में एंकर प्रकृति त्रिपाठी के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा- यह मिथक है कि कलाकार कभी राजनीति नहीं कर सकते। मैंने एनटीआर, एमजीआर और जयललिता को देखा है और उनसे प्रेरणा मिली। मुख्यमंत्री योगी व प्रधानमंत्री मोदी के सान्निध्य में आने पर मुझमें बहुत बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि काम के प्रति नशा आपको आगे बढ़ाता है, ये आपको कभी बूढ़ा नहीं होने देता। आने वाला समय भोजपुरी फिल्मों का है। लोगों के नज़रिए को बदलने के लिए हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्हें आज भी भोजपुरी फिल्मों में की गई गलतियों का मलाल है। वह उसे सुधारने की कोशिश में पूरी ईमानदारी से लगे हैं।
उन्होंने कहा कि उनमें साहित्य के प्रति रुचि पिता से जगी। साहित्य की पूंजी के बल पर ही आज वह हर मंच पर विचार रख पाते हैं। उनको मर्यादा पुरुषोत्तम राम व भगवान शिव से प्रेरणा मिलती हैं, क्योंकि इनका व्यक्तित्व स्वयं में एक अनुकरणीय साहित्य है।
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