[ad_1]

गोरखपुर लॉकडाउन की फाइल फोटो।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर निकलने वाले करीब दस हजार लोगों पर केस दर्ज हुए थे। उस दौरान लोगों ने इसे बड़े ही हल्के में लिया, लेकिन अब पछता रहे है। तीन सालों में ऐसे लोगों के न तो पासपोर्ट बन पाए और न ही असलहों का रिनुअल हुआ।
सत्यापन में इनके आवेदनों पर आपत्ति लगा दी गई। हालांकि सरकार ने इन मुकदमों को वापस लेने का आदेश कोरोना की दूसरी लहर के बाद ही दे दिया था, लेकिन अभी तक करीब तीन हजार लोगों का ही मुकदमा वापस लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान बहुत लोगों ने लुकाछिपी का खेल खेला था। पाबंदी के बाद भी घर से बाहर निकले और पकड़े जाने पर सड़क पर बने गोले में भी बैठाए गए। इसके अलावा चोरी छिपे दुकान खोलने और मास्क न लगाने की वजह से पुलिस को इन पर केस दर्ज करना पड़ा।
इसे भी पढ़ें: महाविद्यालय गेट पर छात्राओं से छेड़खानी, विरोध किया तो शिक्षकों से धक्का-मुक्की
[ad_2]
Source link