‘चल मेरी लूना’…! 23 साल बाद नए अवतार में धूम मचाने आ रही Kinetic Luna

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Kinetic Luna EV: आपने कभी लूना का नाम सुना है? सुना तो जरूर होगा. अपने जमाने में मोटरसाइकिलों के सेगमेंट में लूना हाइब्रिड सवारी थी. गाड़ी में पेट्रोल है, तो ठीक और नहीं भी है, तो साइकिल की तरह पैडल मारके चला लीजिए. यही वजह है कि 1970-80 के दशक में 50 सीसी इंजन वाली लूना भारत में एक आम घरेलू नाम बन गई. साइकिल और मोटरसाइकिल के मिश्रण के तौर पर लूना को पुरुषों और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था. उस समय इसे महज 2000 रुपये की कीमत पर बाजार में पेश किया गया था और करीब 28 सालों तक इसने भारत में मोपेड सेगमेंट वाले बाजार में 95 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद राज किया. हालांकि, कंपनी ने 21वीं सदी के पहले साल वर्ष 2000 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया था. अब यह इलेक्ट्रिक वाहन के अवतार में सामने आएगी.

ई-लूना लुक और इंजन होगा नया

जब यह सवारी पॉपुलरिटी के चरम पर थी, तब इसके निर्माता कंपनी ने एक दिन में इसकी 2000 इकाइयों की बिक्री की. पूरे तीन दशक के दौरान इसके पूरे जीवनकाल में कंपनी ने इसकी करीब 5 लाख से अधिक इकाइयां बेचीं. अब करीब तीन दशक बाद पुणे की काइनेटिक ग्रीन अपने पॉपुलर मोपेड लूना को इलेक्ट्रिक अवतार में लाने की तैयारी में जुट गई है. नए अवतार वाले मॉडल का इंजन और लुक बिल्कुल नया होगा.

‘चल मेरी लूना’ अभियान

भारत के पॉपुलर सवारी काइनेटिक लूना को इलेक्ट्रिक अवतार में पेश करने के लिए प्रमुख विज्ञापन पेशेवर पीयूष पांडेय ने ‘चल मेरी लूना’ अभियान की दोबारा शुरुआत की है. काइनेटिक लूना जब अपनी पॉपुलरिटी के चरम पर थी, तब उस समय के युवा कॉपीराइटर पीयूष पांडेय ने अपने कैरियर का पहला प्रोजेक्ट साल 1959 में बनी फिल्म ‘चिराग कहां, रोशनी कहां’ के गीत ‘चल मेरे घोड़े टिक टिक टिक’ पर आधारित अभियान ‘चल मेरी लूना’ से की थी. उनके अभियान की टैग लाइन ‘चल मेरी लूना’ और ‘सफलता की सवारी, लूना’ थी. अब वही पीयूष पांडेय ने ई-लूना को पॉपुलर बनाने के लिए एक बार फिर अपने अभियान की शुरुआत की है.

26 जनवरी को रिलीज होगा पहला डिजाइन

प्रमुख विज्ञापन पेशेवर पीयूष पांडेय फिलहाल ओगिल्वी में सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस कंपनी के साथ करीब 41 साल तक जुड़े रहने के बाद वे एक बार फिर काइनेटिक ग्रीन के साथ जुड़ गए हैं. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 68 साल के पीयूष पांडेय ने 1 जनवरी 2024 को बतौर क्रिएटिव ऑफिसर और ओगिल्वी के भारत में कार्यकारी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि काइनेटिक ई-लूना का पहला डिजाइन 26 जनवरी 2024 को रिलीज किया जाएगा.

क्या कहती है कंपनी

मीडिया से बातचीत करते हुए काइनेटिक ग्रीन के संस्थापक और सीईओ सुलज्जा फिरोदिया मोटवानी ने कहा कि ‘चल मेरी लूना’ एक यादगार विज्ञापन अभियान है, जिसे ओगिल्वी एंड माथर में पीयूष पांडे की रचनात्मक प्रतिभा द्वारा जीवंत किया गया है. इसे दिलीप घोष ने निर्देशित गया है. उन्होंने कहा कि आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि काइनेटिक ग्रीन ई-लूना के लिए एक नए अभियान के लिए पीयूष पांडे और उनकी एजेंसी 82.5 कम्युनिकेशंस के साथ एक बार फिर से सहयोग करके इसका जादू एक फिर देश में देखा जाएगा.

काइनेटिक ई-लूना की क्या होगी कीमत

इंटरनेट पर काइनेटिक ग्रीन ई-लूना की पहली तस्वीरें ऑनलाइन सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि काइनेटिक ग्रीन ई-लूना की हाईस्पीड 50 किमी प्रति घंटे होगी. फेम-2 स्कीम के तहत इसकी खरीद पर सब्सिडी भी दी जाएगी. अनुमान यह लगाया जा रहा है कि बाजार में आने के बाद इसकी कीमत करीब 82,000 रुपये के आसपास हो सकती है. वहीं, बाजार में इसका मुकाबला बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर, जावा और येज्दी बाइक के अलावा वेस्पा के स्कूटरों से होगा.

काइनेटिक ग्रीन ई-लूना का इंजन

भारत में पहली बार 1972 में बनी काइनेटिक लूना में 2.2 पीएस की पावर और 4.2 एनएम का टॉर्क जेनरेट करने वाला 49सीसी का दो-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन था, जो ईंधन खत्म होने पर पैडल के साथ जुड़ा हुआ था. छोटे इंजन का मतलब था कि यह लाइसेंस कानूनों से मुक्त था. उत्सर्जन संबंधी चिंताओं के कारण 2000 के दशक की शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से बंद होने से पहले अपने समय में लूना टीवीएस 50 मोपेड को कड़ी टक्कर दे रही थी. टीवीएस ने तब से अपनी मोपेड को टीवीएस एक्सएल100 के रूप में चार-स्ट्रोक अवतार में दोबारा लॉन्च किया था.

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