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संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 25 Sep 2023 03:32 PM IST

गन्रे में लगा रेड रॉट रोग
– फोटो : Amar Ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश की गन्ना बेल्ट में पहले मौसम की मार और अब ईख की फसल में लाल सड़न (रेड रॉट) से किसानों में मायूसी छाई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में करीब 15 फीसदी खेतों में फसल प्रभावित हुई है। वहीं, पूर्वांचल के बाद क्षेत्र में खेतों में कैंसर से ज्यादा भयानक रोग आने से मिल प्रबंधन भी बेचैन है। गन्ने की प्रमुख प्रजाति सीओ 0238 में पाया गया है।
वेस्ट यूपी में गन्ना बेल्ट में रेड रॉट की बीमारी देखे जाने से विभाग के साथ मिल प्रबंधन ने खेतों को चेक करना शुरू कर दिया है। पानी, हवा मिट्टी और बीज चारों से यह रोग फैलता है। पिछले कई सालों से इस रोग ने पूर्वांचल के जिलों में तबाही मचा रखी है। इस रोग के आने से गन्ने की पत्तियां सूख जाती हैं। अंदर से रस सूखकर लाल दिखने लगता है।
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