जम्मू: अब चार घंटे में नहीं दो मिनट में पाइए चेस्ट की एक्सरे रिपोर्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मिल रही मदद

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– फोटो : istock

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अब सरकारी अस्पतालों में मरीज को छाती एक्सरे की रिपोर्ट के लिए चार से पांच घंटे का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उसे एक्सरे करवाने के दो मिनट के भीतर ही रिपोर्ट दे दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली से चेस्ट के एक्सरे रिपोटिंग को सरल बनाया गया है। पायलट स्तर पर इस सुविधा के लिए गांधीनगर अस्पताल जम्मू, जिला ट्यूबर क्लोसिस केंद्र जम्मू और जिला अस्पताल रियासी में साफ्टवेयर प्रणाली को स्थापित किया गया है, जबकि जिला अस्पताल पुंछ और किश्तवाड़ में आगामी दिनों में इसे शुरू किया जा रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी में अस्पतालों के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में एक साफ्टवेयर को इंस्टाल किया गया है जिसे संबंधित कंपनी द्वारा क्लाउड आधारित सूचनाओं के आधार पर डेढ़ से दो मिनट के भीतर चेस्ट के डिजिटल एक्सरे की रिपोर्ट मरीज को दी जा रही है। गांधीनगर अस्पताल में पिछले दो दिन में ऐसे 45 मरीजों को छाती के एक्सरे की रिपोर्ट दो मिनट के भीतर दे दी गई। इस रिपोर्ट में कंप्यूटर करीब तीस बीमारियों पर अपना चिकित्सा परामर्श देता है, जिसमें मानव गलती की कम संभावना रहती है। इसके साथ रिपोर्ट की बेहतर गुणवत्ता के साथ समय की बचत होती है। इसमें कंप्यूटर द्वारा दर्शायी जाने वाली बीमारी लक्षण संबंधी मामलों में आखिर में रेडियोलाजिस्ट से परामर्श लिया जाता है। 

इस अत्याधुनिक प्रणाली के विकसित होने से रेडियोलाजिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे दूरदराज के इलाकों में मरीजों को अधिक लाभ मिलेगा। इसमें जिला स्तर पर ऐसी प्रणाली से दो मिनट में ही कंप्यूटरीकृत एक्सरे की रिपोर्ट मिलने से सामान्य फिजिशियन बेहतर चिकित्सा परामर्श दे सकेगा, जिससे मरीज का जल्द उपचार शुरू होगा। इस प्रणाली को डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने एक अन्य कंपनी से भी अनुबंध किया हुआ है जिनके रेडियोलाजिस्ट चार घंटे के भीतर एक्सरे की रिपोटिंग करके भेजते हैं। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली के विकसित होने से एक्सरे की रिपोर्टिंग जल्दी होगी।

स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डॉ. सलीम उल रहमान का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली के विकसित होने से मरीजों का जल्दी उपचार शुरू हो सकेगा। इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य जिला अस्पतालों में भी शुरू किया जाएगा। इसमें छाती के एक्सरे के बाद फ्रेक्चर आदि को भी शामिल किया जाएगा। गांधीनगर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण योगराज का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली से रोगी देखभाल प्रबंधन मजबूत और स्टीक होगा। अस्पताल में चेस्ट के एक्सरे के लिए मरीजों को यह सुविधा दी जा रही है। उन्हें मौके पर ही एक्सरे की रिपोर्ट साथ दी जा रही है।

विस्तार

अब सरकारी अस्पतालों में मरीज को छाती एक्सरे की रिपोर्ट के लिए चार से पांच घंटे का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उसे एक्सरे करवाने के दो मिनट के भीतर ही रिपोर्ट दे दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली से चेस्ट के एक्सरे रिपोटिंग को सरल बनाया गया है। पायलट स्तर पर इस सुविधा के लिए गांधीनगर अस्पताल जम्मू, जिला ट्यूबर क्लोसिस केंद्र जम्मू और जिला अस्पताल रियासी में साफ्टवेयर प्रणाली को स्थापित किया गया है, जबकि जिला अस्पताल पुंछ और किश्तवाड़ में आगामी दिनों में इसे शुरू किया जा रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी में अस्पतालों के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में एक साफ्टवेयर को इंस्टाल किया गया है जिसे संबंधित कंपनी द्वारा क्लाउड आधारित सूचनाओं के आधार पर डेढ़ से दो मिनट के भीतर चेस्ट के डिजिटल एक्सरे की रिपोर्ट मरीज को दी जा रही है। गांधीनगर अस्पताल में पिछले दो दिन में ऐसे 45 मरीजों को छाती के एक्सरे की रिपोर्ट दो मिनट के भीतर दे दी गई। इस रिपोर्ट में कंप्यूटर करीब तीस बीमारियों पर अपना चिकित्सा परामर्श देता है, जिसमें मानव गलती की कम संभावना रहती है। इसके साथ रिपोर्ट की बेहतर गुणवत्ता के साथ समय की बचत होती है। इसमें कंप्यूटर द्वारा दर्शायी जाने वाली बीमारी लक्षण संबंधी मामलों में आखिर में रेडियोलाजिस्ट से परामर्श लिया जाता है। 

इस अत्याधुनिक प्रणाली के विकसित होने से रेडियोलाजिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे दूरदराज के इलाकों में मरीजों को अधिक लाभ मिलेगा। इसमें जिला स्तर पर ऐसी प्रणाली से दो मिनट में ही कंप्यूटरीकृत एक्सरे की रिपोर्ट मिलने से सामान्य फिजिशियन बेहतर चिकित्सा परामर्श दे सकेगा, जिससे मरीज का जल्द उपचार शुरू होगा। इस प्रणाली को डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने एक अन्य कंपनी से भी अनुबंध किया हुआ है जिनके रेडियोलाजिस्ट चार घंटे के भीतर एक्सरे की रिपोटिंग करके भेजते हैं। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली के विकसित होने से एक्सरे की रिपोर्टिंग जल्दी होगी।

स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डॉ. सलीम उल रहमान का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली के विकसित होने से मरीजों का जल्दी उपचार शुरू हो सकेगा। इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य जिला अस्पतालों में भी शुरू किया जाएगा। इसमें छाती के एक्सरे के बाद फ्रेक्चर आदि को भी शामिल किया जाएगा। गांधीनगर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण योगराज का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी प्रणाली से रोगी देखभाल प्रबंधन मजबूत और स्टीक होगा। अस्पताल में चेस्ट के एक्सरे के लिए मरीजों को यह सुविधा दी जा रही है। उन्हें मौके पर ही एक्सरे की रिपोर्ट साथ दी जा रही है।



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