जम्मू कश्मीर: अब अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनेगा भद्रवाही राजमा और रामबन का सुलेई शहद, मिली जीआई टैगिंग

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Jammu Kashmir: Bhadravahi Rajma and Ramban Sulei Honey to now become international brands got GI tagging

राजमा
– फोटो : getty images

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जम्मू संभाग के दो पारंपरिक उत्पादों को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैगिंग मिली है। इसमें भद्रवाह के राजमा और रामबन का सुलेई शहद शामिल है। यह दावा कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण जम्मू के निदेशक केके शर्मा ने मंगलवार को कृषि भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में किया।

जम्मू संभाग से विभिन्न उत्पादों की जीआई टैगिंग के लिए लिए आवेदन जमा कराए गए थे, जिसमें भद्रवाह राजमा और रामबन की सुलेई शहद को टैग मिला है। जीआई टैग होने पर यह उत्पाद अपनी अलग विशेष पहचान के साथ देश-दुनिया तक पहुंच सकेंगे। भद्रवाह राजमा पारंपरिक रूप से तैयार होता है।

कृषि निदेशक ने बताया कि इन उत्पादों की जीआई टैगिंग की प्रक्रिया कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जम्मू द्वारा शुरू की गई थी जिन्हे मंजूरी दे दी गई। जीआई टैग की विशेषता इसकी विशिष्टता है, जो किसी भी प्रकार के तीसरे पक्ष के दुरुपयोग से बचाती है। 

उन्होंने कहा कि भौगोलिक संकेत (जीआई) बौद्धिक संपदा अधिकार का एक रूप है जो एक विशिष्ट भौगोलिक स्थान से उत्पन्न होने वाले और उस स्थान से जुड़े विशिष्ट प्रकृति, गुणवत्ता और विशेषताओं वाले सामानों की पहचान करता है। 

उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से अब कोई भी व्यक्ति अपने भौगोलिक क्षेत्रों से परे इसकी नकल नहीं कर सकता है। इससे तीसरे पक्ष द्वारा इन पंजीकृत भौगोलिक संकेत वस्तुओं के अनधिकृत उपयोग को रोका जा सकेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके ब्रांडों को बढ़ावा मिलेगा। जीआई टैगिंग स्थानीय लोगों की आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा देगी और उत्पादक के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए एक कार्य करेगी।

सितंबर में कलाड़ी को भी जीआई टैग मिलने की संभावना

भ्रदवाह राजमा और रामबन की सुलेई शहद को जीआई टैग मिलने के बाद अब सितंबर में उधमपुर जिले की कलाड़ी को भी जीआई टैग मिलने की संभावना है। कलाड़ी कच्चे दूध से बना एक व्यंजन है जिसे काफी पसंद किया जाता है।

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