जम्मू कश्मीर: आतंकवाद को रोकने की जगह अब जड़ से खत्म करने पर काम- डीजीपी दिलबाग सिंह

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jammu kashmir DGP dilbagh singh said not only stopping terrorism but now work on rooting it out

dgp dilbagh singh
– फोटो : अमर उजाला

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जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद को रोकने के बजाय खत्म करने के लिए काम कर रही हैं, क्याेंकि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने से युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य मिलेगा। एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय की नींव पत्थर कार्यक्रम में पहुंचे डीजीपी ने कहा कि सीमा पर पाकिस्तान से घुसपैठ की 99 प्रतिशत कोशिशें नाकाम कर दी गई हैं। 

सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। यह भी कहा कि सीमा पार से आईईडी भेजी जाती हैं। नगरोटा में भेजी गई आईईडी भी सीमा पार से ही आई और किसी आतंकी समर्थक ने इसे रखा। लेकिन सतर्कता से समय रहते इसका पता चल गया।

डीजीपी ने कहा कि आतंकी गतिविधियों को चलाने और आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान नशीले पदार्थों की तस्करी भी करवा रहा है। हाल के दिनों में एलओसी पर कई मुठभेड़ें हुईं, जिसमें कई आतंकियों को मार गिराया गया। इन्हें विफल बनाया गया। यह सुरक्षाबलों की सतर्कता का प्रमाण है। आतंकियों के इस तरफ आते ही ढेर कर दिया जाता है।

सुरक्षाबलों ने हाल के दिनों में उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और जम्मू क्षेत्र में पीर पंजाल के पुंछ-राजोरी क्षेत्र में घुसपैठ के कई प्रयासों को विफल कर दिया। लगभग एक दर्जन घुसपैठियों को मार गिराया और हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की। हालांकि घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हमें इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं दिख रही है। 

7 अगस्त को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर हिजबुल मुजाहिदीन के एक डिविजनल कमांडर को मार गिराने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान राजोरी-पुंछ बेल्ट और अन्य स्थानों पर आतंकवाद को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। हमारा प्रयास न केवल आतंकवाद को रोकना है, बल्कि इसे पूरी तरह से खत्म करना है। 

जब भी घुसपैठ का प्रयास किया जाता है, चाहे हमें इसके बारे में पहले से जानकारी हो या नहीं, हमारी सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है कि वे हमारे जाल में आ जाते हैं। समग्र सुरक्षा स्थिति बहुत अच्छी है, हालांकि सीमा पार से साजिशें समाप्त नहीं हुई हैं।  

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