जम्मू कश्मीर: एसआईए ने अनंतनाग में जमात-ए-इस्लामी की संपत्तियां जब्त की, कई मामलों में चल रही जांच

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अनंतनाग में जमात की संपत्ति जब्त की गई

अनंतनाग में जमात की संपत्ति जब्त की गई
– फोटो : एएनआई

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राज्य जांच एजेंसी  एसआईए ने अनंतनाग में जमात-ए-इस्लामी की यूएपीए के तहत अवैध संपत्तियां जब्त की है। शनिवार को एजेंसी ने अनंतनाग के कई जगहों पर कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बताया कि जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है।

इससे पहले जून में  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बारामुला, बडगाम व श्रीनगर में जमात के पदाधिकारियों व सदस्यों के आवासों व ठिकानों पर टेरर फंडिंग मामले में छापे मारे थे। इस कार्रवाई में डिजिटल सबूत तथा आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

जांच में पता चला कि जेईआई के सदस्यों की गतिविधियों से संबंधित है जो विशेष रूप से जकात, मौदा और बैत-उल-मल के रूप में दान के माध्यम से देश और विदेशों में धन एकत्र कर रहे हैं। यह कथित तौर पर कल्याणकारी गतिविधियों के लिए है, लेकिन धन का उपयोग हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा जमात द्वारा जुटाई जा रही धनराशि को कैडरों के सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-ताइबा और अन्य को आतंकी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

जमात कश्मीर के युवाओं को बरगलाकर विघटनकारी अलगाववादी गतिविधियों में भाग लेने के लिए नए सदस्यों (रुकुन) की भर्ती कर रहा है।

विस्तार

राज्य जांच एजेंसी  एसआईए ने अनंतनाग में जमात-ए-इस्लामी की यूएपीए के तहत अवैध संपत्तियां जब्त की है। शनिवार को एजेंसी ने अनंतनाग के कई जगहों पर कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बताया कि जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है।

इससे पहले जून में  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बारामुला, बडगाम व श्रीनगर में जमात के पदाधिकारियों व सदस्यों के आवासों व ठिकानों पर टेरर फंडिंग मामले में छापे मारे थे। इस कार्रवाई में डिजिटल सबूत तथा आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

जांच में पता चला कि जेईआई के सदस्यों की गतिविधियों से संबंधित है जो विशेष रूप से जकात, मौदा और बैत-उल-मल के रूप में दान के माध्यम से देश और विदेशों में धन एकत्र कर रहे हैं। यह कथित तौर पर कल्याणकारी गतिविधियों के लिए है, लेकिन धन का उपयोग हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा जमात द्वारा जुटाई जा रही धनराशि को कैडरों के सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-ताइबा और अन्य को आतंकी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

जमात कश्मीर के युवाओं को बरगलाकर विघटनकारी अलगाववादी गतिविधियों में भाग लेने के लिए नए सदस्यों (रुकुन) की भर्ती कर रहा है।



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