जम्मू कश्मीर: कोरोना की चौथी लहर से पहले तैयारियों को लेकर प्रदेशभर के प्रमुख अस्पतालों में हुई मॉक ड्रिल

[ad_1]

कोरोना संक्रमण से निपटने लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसी के मद्देनजर तैयारियों को जांचने के लिए मंगलवार को जम्मू और कश्मीर संभाग के प्रमुख अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जम्मू शहर के गांधी नगर स्थित एमसीएच अस्पताल में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें विशेष तौर पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की जांच की गई। साथ ही यह भी जांचा गया कि बिना किसी तकनीकी खामी के ऑक्सीजन की सप्लाई वार्डों में पहुंच रही है या नहीं।

विश्व के कई देशों में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पड़ोसी देश चीन सबसे ज्यादा प्रभावित है। खबरों की मानें तो जहां रोजाना लाखों कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। अभी तक कई लोगों की जान भी जा चुकी हैं। इससे अब अन्य देशों में भी संक्रमण फैलने की संभावना हैं।

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देश में पहले से ही प्रबंध पूरे करने की तैयारी है। इस संदर्भ में कुछ दिन पहले सरकार ने 27 दिसंबर को देशभर में तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया था। इसी को लेकर जम्मू कश्मीर के विभिन्न जिला अस्पतालों में मंगलवार को मॉकड्रिल कर तैयारियों को पुख्ता किया गया। मॉक ड्रिल में विशेष तौर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को चलाकर ही स्थिति को पुख्ता किया गया। जिला अस्पताल में केंद्र सरकार की तरफ से दो जनरेशन प्लांट लगाए हैं और इस्तेमाल नहीं होने से करीब एक साल से बंद हैं। अगर आपात हालात बनते हैं कि यह प्लांट चलते है कि नहीं यह मंगलवार को जांचा गया और इनका स्टेटस भी उच्च अधिकारियों को भेजा जाना है।

 

कोविड की दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन संयंत्र केंद्र स्थापित किए गए थे। लेकिन कोविड के शांत होने पर अधिकांश अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र केंद्रों का अधिक उपयोग नहीं हो पाया। कई अस्पतालों में अतिरिक्त केंद्र बंद ही रहे, जिन्हें दोबारा संचालित करने की प्रक्रिया की जा रही है।

प्रदेश सरकार का दावा है कि जम्मू कश्मीर के चिकित्सा केंद्रों में 152 छोटे बड़े ऑक्सीजन संयंत्र केंद्रों पर 112366 एलपीएम ऑक्सीजन क्षमता उपलब्ध है। राहत यह रही है कि तीन लहरों के दौरान जम्मू कश्मीर में ऑक्सीजन की कमी कहीं नहीं खली थी। सूत्रों के अनुसार यूटी के अस्पताल प्रबंधनों से केंद्र सरकार की ओर से पहले ही ऑक्सीजन, मास्क, पीपी किट आदि संसाधनों का ब्योरा लिया गया है। इसमें कमी वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके तैयारी को मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *