जम्मू कश्मीर: क्या आपकी रसोई में भी खुला रह जाता है नमक, जानिए क्या हो सकते हैं नुकसान

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Iodine decrease loose salt in your kitchen Physical problems caused by low quality salt

Salt
– फोटो : Istock

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अगर आपकी रसोई में सफेद नमक खुला पड़ा है और आप इसका लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप आयोडिन की कमी से कई शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं। मानकों के तहत मानव शरीर के लिए 15 पीपीएम (पार्टस पर मिलियन) होना चाहिए, लेकिन अधिकांश घरों में अक्सर लोग नमक के इस्तेमाल के दौरान इसे अधिक देर तक खुला रहने देते हैं, जिससे आयोडिन के हवा में उड़ जाने से इसकी गुणवत्ता कम हो जाती है। 

स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में स्थापित लेबोरेटरी में एनआईडीडीसीपी (नेशनल आयोडिन डेफिसेंसी डिसआर्डर कंट्रोल प्रोग्राम) के तहत लोगों के घरों से लाए जा रहे नमक के सैंपलों में यह बात सामने आई है। मानव शरीर में आयोडिन सूक्षम तत्व है।

देशभर में आयोडिन नमक का उत्पादन हो रहा है। फैक्ट्री से निकलते समय बंद पैकेट में नमक की गुणवत्ता 30 पीपीएम होती है, लेकिन इसके इस्तेमाल तक विभिन्न कारणों से कई बार यह 15 पीपीएम से भी कम रह जाता है। जिन घरों में ऐसी परिस्थितियों में 15 पीपीएम के नमक का नियमित सेवन किया जा रहा है, वहां के सदस्यों में आयोडिन की कमी की आशंका बढ़ जाती है। स्वास्थ्य निदेशालय की लैब में मासिक करीब 300 नमक के सैंपल लाए जा रहे हैं, जिनमें कई सैंपल फेल मिल रहे हैं। 

हालांकि फेल सैंपल सीमित हैं, लेकिन इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में बड़े स्तर पर लोग खुले में रखे नमक का ही इस्तेमाल करते हैं। रसोई में डिब्बों या अन्य स्रोतों में रखे नमक को अक्सर इस्तेमाल के दौरान अधिक देर तक खुला रखा जाता है। चूंकि यह वोलाटायल होता है और खुले में रहने से आयोडिन हवा में उड़ जाता है। डा. विजय कुमार शर्मा तकनीकी अधिकारी, एनआईडीडीसीपी ने बताया कि उत्तर भारत में जम्मू कश्मीर हिमालयन बेल्ट के नीचे बसा है। जिससे यहां आयोडिन की कमी मिली है। सफेद नमक में आयोडिन की मात्रा को बनाए रखने के लिए इसके स्टोरेज पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। 

खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश नमक खुले में ही पैकेटों में रखकर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अधिक समय तक नमक के बाहर रहने से आयोडिन उड़ जाने से उसकी गुणवत्ता कम हो जाती है और अधिकांश लोग इससे अंजान रहते हैं। इसके साथ सेंधा (लाल) नमक में आयोडिन नहीं पाया जा रहा है। जबकि स्वाद के तौर पर बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। मांसाहारी पदार्थों में समुद्री मछली में ट्यूना, श्रिंप, कार्ड, सी फूड, सी वीड (समुद्री बंदगोभी) के अलावा डेयरी उत्पाद में दूध, दही, मक्खन, पनीर में आयोडिन की मात्रा होती है। समुद्र से सटे इलाकों में आयोडिन की कमी नहीं होती है।

आयोडिन की कमी से परेशानियां

शरीर में कमजोरी होना, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, मोटापन, शरीर में भारीपन होना, हाइपोथायरेड की समस्या, केलोस्ट्राल बढ़ना, गर्भवती महिलाओं में आयोडिन की कमी, बांझपन, बार बार गर्भपात, मृत शिशु का पैदा होना, बच्चों का कद कम होना, उनका उम्र के मुताबिक विस्तार नहीं होना आदि।

ऐसे नमक को स्टोर करें और आयोडिन बचाएं

  • नमक खरीदते समय पैकेट को एयरटाइट होना चाहिए
  • रसोई में एयरटाइट बंद डिब्बे में ही नमक को स्टोर करके रखें
  • इस्तेमाल के बाद तुरंत डिब्बे को बंद कर दें
  • नमक वाले डिब्बे में लीकेज या सीला नहीं होना चाहिए
  • एक्सपायरी वाले नमक में आयोडिन की मात्रा नहीं रहती है
  • रसोई में नमक को खुला नहीं रखें
  • 8 से 12 आयु के बीच बच्चों को खाने में पर्याप्त आयोडिन दें

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