जम्मू-कश्मीर: फोटो खींचने के साथ निकलेगा बिजली का बिल, रीडिंग में गड़बड़ी रोकने को ओसीआर तकनीक के मीटर लगेंगे

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Jammu Kashmir electricity bill will come out with taking photo, meters installed prevent reading disturbances

जम्मू कश्मीर बिजली बिल
– फोटो : Istock

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बिजली मीटर की गलत रीडिंग से बिल ज्यादा आने की शिकायतें आना आम बात है। उपभोक्ताओं की जानकारी तो मीटर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते आ जाती थी, लेकिन रीडिंग को मैन्युअल डालना पड़ रहा था। अब यह नहीं करना होगा। नई तकनीक ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडिंग (ओसीआर) के तहत मीटर के एक फोटो से ही बिल बनकर तैयार हो जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में 15 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा। मीटर की गलत रीडिंग की लगातार शिकायतों के कारण बिजली कंपनी की आईटी शाखा बिल को सही ढंग से तैयार करने के लिए काम कर रही थी। अब बिजली कंपनी ने ओसीआर तकनीक शुरू की है।

इस तकनीक से फोटो मीटर रीडिंग एप के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उपभोक्ता की पूरी जानकारी आ जाती है। इसके बाद मीटर का फोटो खींचकर एप पर अपलोड करना होता है। इस फोटो से ही बिलिंग सॉफ्टवेयर रीडिंग के नंबर खुद पढ़कर पूरी जानकारी दर्ज कर लेता है।

इस तरह बिजली मीटर की एक फोटो से ही बिल तैयार हो जाएगा। अभी तक फोटो खींचने के साथ मीटर रीडर को रीडिंग टाइप कर एप पर लोड करनी पड़ती रही है। नई प्रक्रिया से बिजली के बिल सही कराने के नाम पर उगाही तो रुकेगी ही साथ ही रीडिंग टाइपिंग का काम भी खत्म हो जाएगा। 

1.75 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए

ओसीआर तकनीक के मीटर लगने से आम उपभोक्ताओं को बिजली के बिलों में होने वाली खामियों से बड़ी राहत मिलेगी। इस तकनीक के 7.50 लाख मीटर जम्मू और इतने ही कश्मीर में लगाए जाने हैं। इन मीटरों के सुचारू रूप से चालू हो जाने के बाद बचे उपभोक्ताओं के घरों में भी यही मीटर लगाए जाएंगे।

हालांकि हाल के दिनों में जम्मू और कश्मीर में करीब 1.75 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब नए स्मार्ट मीटर लगाने के काम को रोक दिया गया है। नए मीटर ओसीआर तकनीक वाले ही घरों में लगाए जाएंगे।

बचे स्मार्ट मीटर ही लग रहे

प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम टेक्नो ग्रुप और इनबिल केबल कंपनी के द्वारा किया जा रहा था। जम्मू में स्मार्ट मीटर लगवाने का काम देख रहे तजिंदर सिंह का कहना है कि हमारे पास अभी जो स्मार्ट मीटर स्टॉक में बचे हैं, उन्हें ही लगाया जाएगा। नए स्मार्ट मीटर अब नहीं लगाए जाएंगे। नए मीटर ओसीआर तकनीक के लगाए जाने हैं। इसके लिए कई बड़ी कंपनियों के टेंडर होने की बात कही जा रही है।

कर्मचारियों को भी सुविधा

बिजली बिल के लिए ओसीआर अच्छी तकनीक है। इससे उपभोक्ताओं के साथ ही बिजली कर्मचारियों के लिए भी बिल बनाने में काफी मदद मिलेगी। इसे जल्द शुरू किए जाने के प्रयास चल रहे हैं। – संदीप सेठ, चीफ इंजीनियर

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