जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती ने निकाय चुनावों पर भाजपा को घेरा, लिथियम भंडार के दोहन पर भी जताई चिंता

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Mehbooba Mufti said People of jammu kashmir should benefit from exploitation of lithium reserves

Mehbooba Mufti
– फोटो : ANI

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जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी हार के डर से देरी कर रही है।  

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर केंद्र में भाजपा फिर सत्ता में वापस आती है तो वह पूरे देश में चुनाव प्रणाली को खत्म कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘भाजपा को एहसास हो गया है कि जम्मू में उनको मत नहीं मिलेगा और जिन पार्टियों और तंत्र को उन्होंने कश्मीर में स्थापित करने की कोशिश की, वे काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि लोग उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए वे चुनाव टाल रहे हैं।”

इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने लिथियम भंडार के संबंध में हालिया घटनाक्रम पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार (जीओआई) द्वारा जम्मू और कश्मीर के जल संसाधनों और खनिजों के अधिग्रहण के बाद अब ध्यान लिथियम भंडार की ओर स्थानांतरित हो गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि इन संसाधनों के दोहन से जम्मू और कश्मीर के लोगों को फायदा हो, न कि चुनिंदा लोगों को।

महबूबा ने कहा कि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि जम्मू-कश्मीर द्वारा उत्पादित बिजली अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती रही है। कभी-कभी मुफ्त में भी। वहीं, जम्मू और कश्मीर के लोग अक्सर खुद को अंधेरे में पाते हैं। अब लिथियम भंडारों के दोहन के साथ यह चिंता है कि इसका लाभ स्थानीय आबादी तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाएगा।

आशंका व्यक्त की है कि जम्मू में लिथियम भंडार का शोषण किया जाएगा और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े पूंजीपतियों को इसकी पेशकश की जाएगी। इससे संभावित रूप से जम्मू-कश्मीर के लोग इन संसाधनों से उत्पन्न धन में उचित हिस्सेदारी से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा, लिथियम विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित संसाधन है। जम्मू और कश्मीर के भंडार न केवल हमारे क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

महबूबा ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, चिली और चीन जैसे उच्चतम लिथियम भंडार वाले देशों और राज्यों ने अपने नागरिकों को जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और लाभों के पारदर्शी आवंटन के उदाहरण स्थापित किए हैं। भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर के लिथियम भंडार से उत्पन्न धन का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए इसका पालन करना चाहिए। 

महबूबा ने सरकार से जम्मू-कश्मीर को लिथियम भंडार के दोहन से मिलने वाले हिस्से के संबंध में जवाबदेही की मांग की। उन्होंने सभी संबंधित नागरिकों और हितधारकों से इन संसाधनों से प्राप्त लाभों के उचित वितरण की वकालत करने में उनके साथ शामिल होने का आह्वान किया।

केसीसीआई ने विदेश व्यापार महानिदेशक की कार्रवाई का किया स्वागत

कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) ने निर्यातकों को मूल प्रमाणपत्र (गैर-तरजीही) जारी करने से हटाने के खिलाफ उसके प्रतिनिधित्व पर विचार किया है। केसीसीआई ने उसके प्रतिनिधित्व को गंभीरता से लेने और उस पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी का आभार व्यक्त किया है। डीजीएफटी के फैसले के बारे में जानकर निर्यातक समुदाय ने राहत की सांस ली है। हालांकि, केसीसीआई कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना आचरण से दुखी है, जिन्होंने अपने निहित स्वार्थों के लिए स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की।

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